सांख्यिकी गणित की वह शाखा है जिसमें आँकड़ों (Data) का संग्रह, वर्गीकरण, प्रस्तुतीकरण, विश्लेषण तथा निष्कर्ष निकाला जाता है।
इस अध्याय में मुख्य रूप से निम्न विषयों का अध्ययन किया जाता है:
किसी विषय से संबंधित संख्यात्मक जानकारी को आँकड़े कहते हैं।
उदाहरण:
5, 8, 10, 12
आँकड़ों का प्रत्येक मान प्रेक्षण कहलाता है।
उदाहरण:
10, 15, 20
यहाँ 10, 15 तथा 20 अलग-अलग प्रेक्षण हैं।
जब आँकड़े अव्यवस्थित रूप में दिए हों तो उन्हें कच्चे आँकड़े कहते हैं।
उदाहरण:
15, 8, 20, 5
जब आँकड़ों को आरोही या अवरोही क्रम में व्यवस्थित किया जाए।
उदाहरण:
5, 8, 15, 20
जब आँकड़े सीधे-सीधे दिए जाते हैं।
उदाहरण:
5, 7, 9, 12
जब आँकड़ों को वर्ग-अंतराल में बाँटा जाता है।
| वर्ग-अंतराल | बारंबारता |
|---|---|
| 0–10 | 5 |
| 10–20 | 8 |
जिन आँकड़ों के मान निश्चित हों।
उदाहरण:
कक्षा में छात्रों की संख्या
जिन आँकड़ों के मान किसी भी सीमा तक हो सकते हैं।
उदाहरण:
ऊँचाई, वजन
कोई मान कितनी बार आता है, उसे बारंबारता कहते हैं।
उदाहरण:
| मान | बारंबारता |
|---|---|
| 5 | 3 |
| 8 | 2 |
आँकड़ों को सारणी के रूप में व्यवस्थित करना।
| अंक | बारंबारता |
|---|---|
| 10 | 4 |
| 20 | 5 |
दो सीमाओं के बीच का अंतर वर्ग-अंतराल कहलाता है।
उदाहरण:
10–20
वर्ग-अंतराल की प्रारंभिक सीमा।
उदाहरण:
10–20 में निम्न सीमा = 10
वर्ग-अंतराल की अंतिम सीमा।
उदाहरण:
10–20 में उच्च सीमा = 20
सूत्र:
h=Upper Limit−Lower Limith=Upper\ Limit-Lower\ Limit
उदाहरण:
20 − 10 = 10
जिसमें ऊपरी सीमा अगली श्रेणी में शामिल नहीं होती।
उदाहरण:
0–9, 10–19
जिसमें ऊपरी सीमा अगली श्रेणी में शामिल होती है।
उदाहरण:
0–10, 10–20
समावेशी वर्ग-अंतराल को सतत बनाने के लिए उपयोग किया जाता है।
उदाहरण:
10–19 को 9.5–19.5 लिखा जाएगा।
वर्ग-अंतराल का मध्य मान वर्ग-चिह्न कहलाता है।
सूत्र:
xi=Upper Limit+Lower Limit2x_i=\frac{Upper\ Limit+Lower\ Limit}{2}
उदाहरण:
10–20 का वर्ग-चिह्न:
(10 + 20)/2 = 15
बारंबारताओं का क्रमिक योग संचयी बारंबारता कहलाता है।
उदाहरण:
| बारंबारता | संचयी बारंबारता |
|---|---|
| 5 | 5 |
| 7 | 12 |
| 4 | 16 |
उच्च सीमाओं का उपयोग किया जाता है।
निम्न सीमाओं का उपयोग किया जाता है।
आँकड़ों के केंद्र का प्रतिनिधित्व करने वाले मान को केन्द्रीय प्रवृत्ति कहते हैं।
मुख्य प्रकार:
सभी प्रेक्षणों के औसत को माध्य कहते हैं।
सूत्र:
xˉ=∑xn\bar{x}=\frac{\sum x}{n}
जहाँ:
सूत्र:
xˉ=∑fixi∑fi\bar{x}=\frac{\sum f_ix_i}{\sum f_i}
जहाँ:
गणना को सरल बनाने के लिए प्रयुक्त।
सूत्र:
xˉ=a+∑fidi∑fi\bar{x}=a+\frac{\sum f_id_i}{\sum f_i}
सूत्र:
di=xi−ad_i=x_i-a
जब वर्ग-अंतराल समान हों तब उपयोग किया जाता है।
सूत्र:
xˉ=a+∑fiui∑fi×h\bar{x}=a+\frac{\sum f_iu_i}{\sum f_i}\times h
सूत्र:
ui=xi−ahu_i=\frac{x_i-a}{h}
क्रमबद्ध आँकड़ों का मध्य मान माध्यिका कहलाता है।
सूत्र:
Median=(n+12)th observationMedian=\left(\frac{n+1}{2}\right)^{th}\ observation
सूत्र:
Median=(n2)th+(n2+1)th2Median=\frac{\left(\frac{n}{2}\right)^{th}+\left(\frac{n}{2}+1\right)^{th}}{2}
सूत्र:
Median=l+(N2−cff)hMedian=l+\left(\frac{\frac{N}{2}-cf}{f}\right)h
जहाँ:
जिस वर्ग में N/2 आता है वही माध्यिका वर्ग कहलाता है।
जो मान सबसे अधिक बार आता है उसे बहुलक कहते हैं।
जिस वर्ग की बारंबारता सबसे अधिक हो।
सूत्र:
Mode=l+(f1−f02f1−f0−f2)hMode=l+\left(\frac{f_1-f_0}{2f_1-f_0-f_2}\right)h
जहाँ:
सूत्र:
Mode=3Median−2MeanMode=3Median-2Mean
दूसरा रूप:
Mean−Mode=3(Mean−Median)Mean-Mode=3(Mean-Median)
आयताकार आकृतियों द्वारा बारंबारता वितरण को प्रदर्शित करना।
विशेषताएँ:
हिस्टोग्राम के मध्य-बिंदुओं को मिलाने से बनता है।
बारंबारता बहुभुज का चिकना रूप।
संचयी बारंबारता वक्र।
प्रकार:
दोनों ओजाइव के प्रतिच्छेदन बिंदु से माध्यिका प्राप्त होती है।
जिनमें कोई सीमा नहीं दी जाती।
उदाहरण:
सूत्र:
Frequency Density=FrequencyClass WidthFrequency\ Density=\frac{Frequency}{Class\ Width}
जब:
Mean=Median=ModeMean=Median=Mode
जब:
Mean>Median>ModeMean>Median>Mode
जब:
Mode>Median>MeanMode>Median>Mean
सूत्र:
xˉ=n1xˉ1+n2xˉ2n1+n2\bar{x}=\frac{n_1\bar{x}_1+n_2\bar{x}_2}{n_1+n_2}
सूत्र:
xˉw=∑wx∑w\bar{x}_w=\frac{\sum wx}{\sum w}
| माध्य | माध्यिका | बहुलक |
|---|---|---|
| औसत मान | मध्य मान | सर्वाधिक बार आने वाला मान |
| सभी आँकड़े उपयोग होते हैं | क्रमबद्ध आँकड़े आवश्यक | अधिकतम बारंबारता आवश्यक |
xˉ=∑fixi∑fi\bar{x}=\frac{\sum f_ix_i}{\sum f_i}
Median=l+(N2−cff)hMedian=l+\left(\frac{\frac{N}{2}-cf}{f}\right)h
Mode=l+(f1−f02f1−f0−f2)hMode=l+\left(\frac{f_1-f_0}{2f_1-f_0-f_2}\right)h
Mode=3Median−2MeanMode=3Median-2Mean
सांख्यिकी अध्याय कक्षा 10 का अत्यंत महत्वपूर्ण तथा अंकदायक अध्याय है।
इस अध्याय में आँकड़ों का विश्लेषण, औसत निकालना, ग्राफ बनाना तथा निष्कर्ष निकालना सिखाया जाता है।
Study Raw: Education World of India आप सभी Students के सहूलियत के लिए Social Media पर भी सारे Students को Bihar के सारे News से Updated रखते है। आपलोग नीचे दिए किसी भी Social Media से जुर सकते हैं। Follow us with following link mentioned below.
| University Name | Syllabus |
|---|---|
| BRABU Universit BA BSc BCom Syllabus | Syllabus |
| LNMU Universit BA BSc BCom Syllabus | Syllabus |
| TMBU Universit BA BSc BCom Syllabus | Syllabus |
| VKSU Universit BA BSc BCom Syllabus | Syllabus |
| BNMU Universit BA BSc BCom Syllabus | Syllabus |
| Jai Prakash Universit BA BSc BCom Syllabus | Syllabus |
| Patliputra University BA BSc BCom Syllabus | Syllabus |
| Purnea University BA BSc BCom Syllabus | Syllabus |
| Magadh University BA BSc BCom Syllabus | Syllabus |
| Munger University BA BSc BCom Syllabus | Syllabus |
| Patna University BA BSc BCom Syllabus | Syllabus |
Leave a Reply