Class-10 Science भौतिकी Ch-2 मानव नेत्र एवं रंगबिरंगी दुनिया

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📅 28/05/2026

2. मानव नेत्र एवं रंगबिरंगी दुनिया

(Human Eye and Colourful World)

2.1 मानव नेत्र (Human Eye)

मानव नेत्र एक अत्यंत महत्वपूर्ण ज्ञानेंद्रिय है। यह हमें वस्तुओं का आकार, रंग, दूरी तथा गति पहचानने में सहायता करता है। मानव नेत्र कैमरे की तरह कार्य करता है।

मानव नेत्र की संरचना (Structure of Human Eye)

कॉर्निया (Cornea)

  • नेत्र का सबसे बाहरी पारदर्शी भाग।
  • प्रकाश सबसे पहले कॉर्निया से होकर गुजरता है।
  • प्रकाश का अपवर्तन करता है।
  • नेत्र की सुरक्षा करता है।

जलीय द्रव (Aqueous Humour)

  • कॉर्निया और लेंस के बीच पाया जाने वाला द्रव।
  • नेत्र को पोषण देता है।
  • प्रकाश के अपवर्तन में सहायता करता है।

परितारिका (Iris)

  • नेत्र का रंगीन भाग।
  • पुतली के आकार को नियंत्रित करती है।
  • अधिक प्रकाश में पुतली छोटी हो जाती है।
  • कम प्रकाश में पुतली बड़ी हो जाती है।

पुतली (Pupil)

  • परितारिका के मध्य स्थित छिद्र।
  • प्रकाश इसी मार्ग से नेत्र में प्रवेश करता है।
  • कैमरे के Aperture की तरह कार्य करती है।

नेत्र लेंस (Eye Lens)

  • पारदर्शी एवं लचीला उत्तल लेंस।
  • वस्तुओं का प्रतिबिंब रेटिना पर बनाता है।
  • अपनी फोकस दूरी बदल सकता है।

पक्ष्माभी पेशियाँ (Ciliary Muscles)

  • नेत्र लेंस से जुड़ी मांसपेशियाँ।
  • लेंस की मोटाई बदलती हैं।
  • समंजन क्रिया में सहायता करती हैं।

काचाभ द्रव (Vitreous Humour)

  • लेंस और रेटिना के बीच जेली जैसा पदार्थ।
  • नेत्र को आकार प्रदान करता है।

रेटिना (Retina)

  • नेत्र का प्रकाश-संवेदी भाग।
  • यहाँ वस्तु का वास्तविक, उल्टा एवं छोटा प्रतिबिंब बनता है।
  • इसमें Rods और Cones कोशिकाएँ होती हैं।

रॉड कोशिकाएँ (Rods)

  • कम प्रकाश में देखने में सहायता करती हैं।
  • श्वेत-श्याम दृष्टि प्रदान करती हैं।

कोन कोशिकाएँ (Cones)

  • रंगों की पहचान करती हैं।
  • तेज प्रकाश में कार्य करती हैं।

पीला धब्बा (Yellow Spot)

  • रेटिना का सबसे संवेदनशील भाग।
  • यहाँ सबसे स्पष्ट प्रतिबिंब बनता है।

अंध बिंदु (Blind Spot)

  • रेटिना का वह भाग जहाँ से दृष्टि तंत्रिका निकलती है।
  • यहाँ कोई प्रतिबिंब नहीं बनता।

दृष्टि तंत्रिका (Optic Nerve)

  • रेटिना से संदेश मस्तिष्क तक पहुँचाती है।

मानव नेत्र कैसे कार्य करता है

  • वस्तु से प्रकाश परावर्तित होकर नेत्र में प्रवेश करता है।
  • कॉर्निया और लेंस प्रकाश का अपवर्तन करते हैं।
  • रेटिना पर प्रतिबिंब बनता है।
  • दृष्टि तंत्रिका संकेतों को मस्तिष्क तक पहुँचाती है।
  • मस्तिष्क वस्तु की पहचान करता है।

दृष्टि समंजन (Accommodation)

नेत्र लेंस द्वारा अपनी फोकस दूरी बदलकर पास एवं दूर की वस्तुओं को स्पष्ट देखने की क्षमता को दृष्टि समंजन कहते हैं।

समंजन क्षमता

  • नेत्र की फोकस दूरी बदलने की क्षमता।
  • बच्चों में अधिक तथा वृद्धों में कम होती है।

निकट बिंदु (Near Point)

  • आँख से न्यूनतम दूरी जहाँ तक वस्तु स्पष्ट दिखाई देती है।
  • सामान्य मानव नेत्र के लिए 25 cm।

दूर बिंदु (Far Point)

  • आँख से अधिकतम दूरी जहाँ तक वस्तु स्पष्ट दिखाई देती है।
  • सामान्य नेत्र के लिए अनंत।

दृष्टि स्थायित्व (Persistence of Vision)

  • किसी वस्तु का प्रतिबिंब रेटिना पर लगभग 1/16 सेकंड तक बना रहता है।
  • चलचित्र इसी सिद्धांत पर आधारित हैं।

दृष्टि दोष (Defects of Vision)

निकट दृष्टिदोष (Myopia)

परिभाषा

दूर की वस्तुएँ स्पष्ट दिखाई नहीं देतीं, लेकिन पास की वस्तुएँ स्पष्ट दिखाई देती हैं।

कारण

  • नेत्रगोलक लंबा हो जाना।
  • लेंस की फोकस दूरी कम हो जाना।

प्रतिबिंब

  • रेटिना के पहले बनता है।

सुधार

  • अवतल लेंस द्वारा।

अवतल लेंस द्वारा सुधार

  • अवतल लेंस प्रकाश किरणों को अपसारित करता है।
  • प्रतिबिंब रेटिना पर बन जाता है।

दूर दृष्टिदोष (Hypermetropia)

परिभाषा

पास की वस्तुएँ स्पष्ट दिखाई नहीं देतीं, लेकिन दूर की वस्तुएँ स्पष्ट दिखाई देती हैं।

कारण

  • नेत्रगोलक छोटा हो जाना।
  • लेंस की फोकस दूरी बढ़ जाना।

प्रतिबिंब

  • रेटिना के पीछे बनता है।

सुधार

  • उत्तल लेंस द्वारा।

उत्तल लेंस द्वारा सुधार

  • उत्तल लेंस प्रकाश किरणों को अभिसारित करता है।
  • प्रतिबिंब रेटिना पर बनता है।

जरा दृष्टि दोष (Presbyopia)

परिभाषा

आयु बढ़ने के कारण निकट वस्तुएँ स्पष्ट दिखाई नहीं देतीं।

कारण

  • समंजन क्षमता कम हो जाती है।
  • पक्ष्माभी पेशियाँ कमजोर हो जाती हैं।

सुधार

  • द्विफोकसी लेंस द्वारा।

द्विफोकसी लेंस (Bifocal Lens)

  • ऊपर का भाग दूर देखने हेतु।
  • नीचे का भाग पास देखने हेतु।

दृष्टिवैषम्य (Astigmatism)

परिभाषा

किसी दिशा में वस्तु स्पष्ट तथा दूसरी दिशा में धुंधली दिखाई देना।

कारण

  • कॉर्निया की सतह असमान होना।

सुधार

  • बेलनाकार लेंस द्वारा।

मोतियाबिंद (Cataract)

  • वृद्धावस्था में नेत्र लेंस धुंधला हो जाता है।
  • वस्तुएँ स्पष्ट दिखाई नहीं देतीं।
  • शल्य चिकित्सा द्वारा उपचार किया जाता है।

रंगांधता (Colour Blindness)

  • कुछ रंगों की पहचान न कर पाना।
  • सामान्यतः लाल एवं हरे रंग में भ्रम होता है।
  • यह आनुवंशिक दोष है।

ब्रेल लिपि (Braille Script)

  • दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए विशेष लिपि।
  • लुई ब्रेल द्वारा विकसित।

नेत्रदान (Eye Donation)

  • मृत्यु के बाद नेत्रदान किया जा सकता है।
  • कॉर्निया प्रत्यारोपण द्वारा किसी व्यक्ति की दृष्टि लौटाई जा सकती है।

नेत्रों की देखभाल

  • पर्याप्त प्रकाश में पढ़ना चाहिए।
  • बहुत पास से मोबाइल नहीं देखना चाहिए।
  • पौष्टिक भोजन लेना चाहिए।
  • विटामिन A युक्त भोजन आवश्यक है।
  • आँखों को धूल एवं धुएँ से बचाना चाहिए।

विटामिन A की कमी

  • रतौंधी रोग हो सकता है।
  • रात में स्पष्ट दिखाई नहीं देता।

2.2 प्रकाश के प्रकीर्णन एवं वायुमंडलीय प्रभाव

प्रिज्म एवं वर्ण विक्षेपण

प्रिज्म (Prism)

  • पारदर्शी काँच की त्रिभुजाकार आकृति।
  • प्रकाश का अपवर्तन करता है।

श्वेत प्रकाश (White Light)

  • सात रंगों का मिश्रण।

वर्ण विक्षेपण (Dispersion of Light)

श्वेत प्रकाश का अपने सात रंगों में विभाजित होना वर्ण विक्षेपण कहलाता है।

वर्णक्रम (Spectrum)

  • प्राप्त सात रंगों की पट्टी को वर्णक्रम कहते हैं।

VIBGYOR

वर्णक्रम के सात रंग:

  • Violet (बैंगनी)
  • Indigo (जामुनी)
  • Blue (नीला)
  • Green (हरा)
  • Yellow (पीला)
  • Orange (नारंगी)
  • Red (लाल)

न्यूटन का प्रयोग

  • न्यूटन ने प्रिज्म द्वारा श्वेत प्रकाश को सात रंगों में विभाजित किया।
  • दूसरे प्रिज्म द्वारा इन रंगों को पुनः मिलाकर श्वेत प्रकाश प्राप्त किया।

लाल रंग का विचलन कम क्यों

  • लाल रंग की तरंगदैर्ध्य सबसे अधिक होती है।
  • इसलिए इसका विचलन सबसे कम होता है।

बैंगनी रंग का विचलन अधिक क्यों

  • बैंगनी रंग की तरंगदैर्ध्य सबसे कम होती है।
  • इसलिए इसका विचलन सबसे अधिक होता है।

इंद्रधनुष (Rainbow)

इंद्रधनुष प्राकृतिक वर्णक्रम है जो वर्षा के बाद आकाश में दिखाई देता है।

निर्माण की प्रक्रिया

  • वर्षा की बूंदें छोटे प्रिज्म की तरह कार्य करती हैं।
  • प्रकाश का अपवर्तन होता है।
  • बूंद के भीतर आंतरिक परावर्तन होता है।
  • पुनः अपवर्तन के बाद सात रंग दिखाई देते हैं।

इंद्रधनुष बनने की आवश्यक शर्तें

  • सूर्य पीछे होना चाहिए।
  • सामने वर्षा की बूंदें होनी चाहिए।

प्राथमिक इंद्रधनुष

  • एक आंतरिक परावर्तन से बनता है।
  • लाल रंग ऊपर तथा बैंगनी नीचे होता है।

द्वितीयक इंद्रधनुष

  • दो आंतरिक परावर्तन से बनता है।
  • रंगों का क्रम उल्टा होता है।

वायुमंडलीय अपवर्तन (Atmospheric Refraction)

वायुमंडल की विभिन्न घनत्व वाली परतों से गुजरते समय प्रकाश का मुड़ना वायुमंडलीय अपवर्तन कहलाता है।

तारों का टिमटिमाना

कारण

  • तारों का प्रकाश बार-बार अपवर्तित होता है।
  • तारे बिंदु स्रोत होते हैं।
  • इसलिए उनकी चमक बदलती रहती है।

ग्रह क्यों नहीं टिमटिमाते

  • ग्रह आकार में बड़े दिखाई देते हैं।
  • विभिन्न किरणों का औसत प्रभाव स्थिर रहता है।

सूर्य का पहले दिखाई देना

  • सूर्योदय से लगभग 2 मिनट पहले सूर्य दिखाई देता है।
  • सूर्यास्त के लगभग 2 मिनट बाद तक दिखाई देता है।
  • कारण वायुमंडलीय अपवर्तन है।

टिंडल प्रभाव (Tyndall Effect)

सूक्ष्म कणों द्वारा प्रकाश का प्रकीर्णन टिंडल प्रभाव कहलाता है।

प्रकाश का प्रकीर्णन (Scattering of Light)

  • जब प्रकाश धूल, धुएँ या सूक्ष्म कणों से टकराता है तो विभिन्न दिशाओं में फैल जाता है।

धूल एवं धुएँ का प्रभाव

  • कोहरे में वाहन की हेडलाइट फैलती हुई दिखाई देती है।
  • धुएँ वाले कमरे में प्रकाश का मार्ग दिखाई देता है।

टिंडल प्रभाव के उदाहरण

  • प्रोजेक्टर की किरण दिखाई देना।
  • जंगल में सूर्य किरणें दिखाई देना।
  • कोहरे में टॉर्च की रोशनी दिखाई देना।

आकाश नीला क्यों दिखाई देता है

कारण

  • वायुमंडल के सूक्ष्म कण छोटे तरंगदैर्ध्य वाले नीले प्रकाश का अधिक प्रकीर्णन करते हैं।
  • इसलिए आकाश नीला दिखाई देता है।

अंतरिक्ष में आकाश काला क्यों दिखाई देता है

  • अंतरिक्ष में वायुमंडल नहीं होता।
  • प्रकीर्णन नहीं होता।
  • इसलिए आकाश काला दिखाई देता है।

सूर्योदय एवं सूर्यास्त के समय सूर्य लाल क्यों दिखाई देता है

कारण

  • उस समय सूर्य का प्रकाश लंबी दूरी तय करता है।
  • नीला प्रकाश प्रकीर्णित हो जाता है।
  • लाल प्रकाश आँखों तक पहुँचता है।
  • इसलिए सूर्य लाल दिखाई देता है।

खतरे के संकेत लाल रंग के क्यों होते हैं

  • लाल रंग का प्रकीर्णन सबसे कम होता है।
  • यह अधिक दूरी तक स्पष्ट दिखाई देता है।

तरंगदैर्ध्य (Wavelength)

  • दो लगातार तरंग शिखरों के बीच की दूरी को तरंगदैर्ध्य कहते हैं।
  • लाल रंग की तरंगदैर्ध्य सबसे अधिक होती है।
  • बैंगनी रंग की सबसे कम होती है।

प्रकाश की चाल

  • निर्वात में प्रकाश की चाल 3 × 10⁸ m/s होती है।

महत्वपूर्ण वैज्ञानिक

आइजैक न्यूटन

  • वर्ण विक्षेपण का अध्ययन किया।

लुई ब्रेल

  • ब्रेल लिपि का आविष्कार किया।

महत्वपूर्ण तथ्य

  • रेटिना पर वास्तविक, उल्टा एवं छोटा प्रतिबिंब बनता है।
  • सामान्य मानव नेत्र का निकट बिंदु 25 cm है।
  • दूर बिंदु अनंत होता है।
  • Myopia में अवतल लेंस उपयोग होता है।
  • Hypermetropia में उत्तल लेंस उपयोग होता है।
  • Presbyopia वृद्धावस्था का दोष है।
  • इंद्रधनुष वर्ण विक्षेपण का उदाहरण है।
  • तारों का टिमटिमाना वायुमंडलीय अपवर्तन के कारण होता है।
  • आकाश का नीला रंग प्रकीर्णन के कारण होता है।

महत्वपूर्ण सूत्र

लेंस सूत्र

1/f = 1/v − 1/u

जहाँ,

  • f = फोकस दूरी
  • v = प्रतिबिंब दूरी
  • u = वस्तु दूरी

आवर्धन (Magnification)

m = v/u

परीक्षा में पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्न

बहुत लघु उत्तरीय प्रश्न

  • मानव नेत्र में प्रतिबिंब कहाँ बनता है?
  • निकट बिंदु क्या है?
  • VIBGYOR का पूरा नाम लिखिए।
  • टिंडल प्रभाव क्या है?
  • आकाश नीला क्यों दिखाई देता है?

लघु उत्तरीय प्रश्न

  • Myopia एवं Hypermetropia में अंतर लिखिए।
  • इंद्रधनुष बनने की प्रक्रिया समझाइए।
  • तारों के टिमटिमाने का कारण लिखिए।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

  • मानव नेत्र की संरचना का वर्णन कीजिए।
  • दृष्टि दोषों का वर्णन एवं सुधार लिखिए।
  • प्रकाश के प्रकीर्णन एवं वायुमंडलीय प्रभाव समझाइए।

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