Class-10 Science जीवविज्ञान Ch-2 नियंत्रण एवं समन्वय

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📅 29/05/2026

अध्याय 2: नियंत्रण एवं समन्वय (Control and Coordination)

परिचय

सभी जीवित प्राणियों के शरीर में अनेक प्रकार की क्रियाएँ लगातार चलती रहती हैं। जैसे:

  • भोजन पचना
  • साँस लेना
  • चलना-फिरना
  • सोचना
  • बोलना
  • खतरे से बचना

इन सभी क्रियाओं को सही प्रकार से नियंत्रित करना तथा शरीर के विभिन्न अंगों के बीच तालमेल बनाए रखना ही नियंत्रण एवं समन्वय कहलाता है।

यदि शरीर में नियंत्रण एवं समन्वय न हो तो शरीर के अंग सही प्रकार से कार्य नहीं कर पाएँगे।

नियंत्रण एवं समन्वय की आवश्यकता

शरीर के अंगों में तालमेल

शरीर के सभी अंग मिलकर कार्य करते हैं।
उदाहरण:

  • आँखें वस्तु को देखती हैं
  • मस्तिष्क उसे पहचानता है
  • हाथ उस वस्तु को उठाता है

यह समन्वय के कारण संभव होता है।

वातावरण के अनुसार प्रतिक्रिया

जीव अपने आसपास होने वाले परिवर्तनों को पहचानते हैं और उसके अनुसार प्रतिक्रिया देते हैं।

उदाहरण:

  • तेज प्रकाश में आँखें बंद हो जाती हैं
  • गर्म वस्तु छूने पर हाथ पीछे हट जाता है

शरीर की सुरक्षा

नियंत्रण एवं समन्वय शरीर को खतरे से बचाने में सहायता करता है।

उद्दीपन (Stimulus)

वातावरण में होने वाला ऐसा परिवर्तन जो जीव को प्रतिक्रिया देने के लिए प्रेरित करे, उद्दीपन कहलाता है।

उद्दीपन के प्रकार

प्रकाश उद्दीपन

उदाहरण: सूर्य का प्रकाश

ताप उद्दीपन

उदाहरण: गर्म वस्तु

स्पर्श उद्दीपन

उदाहरण: काँटा चुभना

रासायनिक उद्दीपन

उदाहरण: भोजन का स्वाद

ध्वनि उद्दीपन

उदाहरण: तेज आवाज

प्रतिक्रिया (Response)

उद्दीपन के प्रति जीव द्वारा की गई क्रिया प्रतिक्रिया कहलाती है।

उदाहरण

  • गर्म वस्तु छूने पर हाथ हटाना
  • तेज रोशनी में पलक झपकना
  • भोजन देखकर मुँह में लार आना

तंत्रिका तंत्र (Nervous System)

मनुष्य में नियंत्रण एवं समन्वय का मुख्य कार्य तंत्रिका तंत्र करता है।

यह शरीर के विभिन्न भागों तक संदेश पहुँचाता है।

तंत्रिका तंत्र के भाग

केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (Central Nervous System)

इसमें शामिल हैं:

  • मस्तिष्क
  • मेरुरज्जु

यह शरीर का मुख्य नियंत्रण केंद्र होता है।

परिधीय तंत्रिका तंत्र (Peripheral Nervous System)

यह मस्तिष्क एवं मेरुरज्जु को शरीर के अन्य भागों से जोड़ता है।

स्वायत्त तंत्रिका तंत्र (Autonomic Nervous System)

यह शरीर की अनैच्छिक क्रियाओं को नियंत्रित करता है।

उदाहरण:

  • हृदय की धड़कन
  • श्वसन
  • पाचन

स्वायत्त तंत्रिका तंत्र के भाग

सहानुभूति तंत्र (Sympathetic Nervous System)

आपातकालीन स्थिति में कार्य करता है।

परानुभूति तंत्र (Parasympathetic Nervous System)

शरीर को सामान्य अवस्था में लाता है।

न्यूरॉन (Neuron)

न्यूरॉन तंत्रिका तंत्र की संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई है।

यह संदेशों को शरीर के एक भाग से दूसरे भाग तक पहुँचाता है।

न्यूरॉन की संरचना

कोशिका शरीर (Cell Body)

  • इसमें केंद्रक पाया जाता है।
  • यह न्यूरॉन को जीवित रखता है।

डेंड्राइट (Dendrite)

  • शाखाओं जैसी संरचनाएँ
  • संदेश ग्रहण करती हैं

एक्सॉन (Axon)

  • लंबा तंतु
  • संदेश को आगे पहुँचाता है

तंत्रिका अंत (Nerve Ending)

यह संदेश को अगले न्यूरॉन तक पहुँचाता है।

माइलिन आवरण (Myelin Sheath)

यह एक्सॉन के चारों ओर पाया जाने वाला वसायुक्त आवरण है।

कार्य

  • तंत्रिका आवेग की गति बढ़ाना
  • न्यूरॉन की सुरक्षा करना

न्यूरॉन के प्रकार

संवेदी न्यूरॉन (Sensory Neuron)

ज्ञानेंद्रियों से संदेश मस्तिष्क तक पहुँचाता है।

प्रेरक न्यूरॉन (Motor Neuron)

मस्तिष्क से मांसपेशियों तक संदेश पहुँचाता है।

संयोजी न्यूरॉन (Relay Neuron)

दो न्यूरॉनों को जोड़ता है।

सिनैप्स (Synapse)

दो न्यूरॉनों के बीच का सूक्ष्म स्थान सिनैप्स कहलाता है।

न्यूरोट्रांसमीटर

वे रासायनिक पदार्थ जो एक न्यूरॉन से दूसरे तक संदेश पहुँचाते हैं।

उदाहरण:

  • एसिटाइलकोलाइन

तंत्रिका आवेग (Nerve Impulse)

न्यूरॉन में प्रवाहित होने वाला विद्युत-रासायनिक संदेश तंत्रिका आवेग कहलाता है।

तंत्रिका आवेग का संचरण

  1. उद्दीपन रिसेप्टर द्वारा ग्रहण किया जाता है।
  2. डेंड्राइट संदेश ग्रहण करता है।
  3. संदेश एक्सॉन से गुजरता है।
  4. सिनैप्स के माध्यम से अगले न्यूरॉन तक पहुँचता है।

रिसेप्टर (Receptor)

विशेष कोशिकाएँ जो उद्दीपन को पहचानती हैं।

रिसेप्टर के प्रकार

रिसेप्टरकार्य
प्रकाश ग्राहीप्रकाश पहचानना
ताप ग्राहीतापमान पहचानना
रासायनिक ग्राहीस्वाद एवं गंध पहचानना
स्पर्श ग्राहीस्पर्श पहचानना

प्रभावक अंग (Effector Organ)

वे अंग जो प्रतिक्रिया उत्पन्न करते हैं।

उदाहरण:

  • मांसपेशियाँ
  • ग्रंथियाँ

मानव मस्तिष्क (Human Brain)

मस्तिष्क शरीर का नियंत्रण केंद्र है।

यह:

  • सोचता है
  • याद रखता है
  • निर्णय लेता है
  • शरीर की क्रियाओं को नियंत्रित करता है

मस्तिष्क के भाग

अग्र मस्तिष्क (Forebrain)

सबसे विकसित भाग।

सेरिब्रम (Cerebrum)

मस्तिष्क का सबसे बड़ा भाग।

कार्य

  • सोचने की क्षमता
  • स्मरण शक्ति
  • बुद्धि
  • सीखना
  • भावनाएँ
  • ऐच्छिक क्रियाएँ

थैलेमस (Thalamus)

संवेदी संदेशों का नियंत्रण केंद्र।

हाइपोथैलेमस (Hypothalamus)

नियंत्रित करता है:

  • भूख
  • प्यास
  • शरीर का तापमान
  • नींद
  • भावनाएँ

मध्य मस्तिष्क (Midbrain)

कार्य

  • दृष्टि संबंधी प्रतिक्रियाएँ
  • श्रवण प्रतिक्रियाएँ
  • आँखों की गति

पश्च मस्तिष्क (Hindbrain)

सेरिबेलम (Cerebellum)

कार्य

  • शरीर का संतुलन बनाए रखना
  • मांसपेशियों का समन्वय

मेडुला ऑब्लांगेटा (Medulla Oblongata)

अनैच्छिक क्रियाओं को नियंत्रित करता है।

उदाहरण:

  • हृदय की धड़कन
  • श्वसन
  • रक्तचाप
  • छींक
  • उल्टी

पोंस (Pons)

मस्तिष्क के विभिन्न भागों को जोड़ता है।

मस्तिष्क की सुरक्षा

कपाल (Skull)

कठोर अस्थियाँ मस्तिष्क की रक्षा करती हैं।

मेनिन्जीस (Meninges)

तीन झिल्लियाँ जो मस्तिष्क को ढकती हैं।

सेरेब्रोस्पाइनल द्रव (CSF)

झटकों से मस्तिष्क की रक्षा करता है।

प्रतिवर्ती क्रिया (Reflex Action)

बिना सोचे-समझे तुरंत होने वाली प्रतिक्रिया प्रतिवर्ती क्रिया कहलाती है।

उदाहरण

  • काँटा चुभने पर हाथ हटाना
  • गर्म वस्तु से हाथ हटाना

प्रतिवर्ती चाप (Reflex Arc)

प्रतिवर्ती क्रिया का मार्ग प्रतिवर्ती चाप कहलाता है।

क्रम

रिसेप्टर → संवेदी न्यूरॉन → मेरुरज्जु → प्रेरक न्यूरॉन → प्रभावक अंग

प्रतिवर्ती क्रिया का महत्व

  • शरीर की सुरक्षा
  • समय की बचत
  • त्वरित प्रतिक्रिया

ऐच्छिक क्रियाएँ (Voluntary Actions)

वे क्रियाएँ जो हमारी इच्छा से होती हैं।

उदाहरण:

  • लिखना
  • दौड़ना

अनैच्छिक क्रियाएँ (Involuntary Actions)

वे क्रियाएँ जो स्वतः होती हैं।

उदाहरण:

  • दिल की धड़कन
  • पाचन

पौधों में नियंत्रण एवं समन्वय

पौधों में तंत्रिका तंत्र नहीं होता फिर भी वे प्रतिक्रिया देते हैं।

यह प्रतिक्रिया:

  • पादप हार्मोन
  • वृद्धि आधारित गतियों

द्वारा होती है।

पादप हार्मोन (Plant Hormones)

पौधों में बनने वाले रासायनिक संदेशवाहक पदार्थ।

ऑक्सिन (Auxin)

कार्य

  • कोशिका वृद्धि
  • जड़ निर्माण
  • प्रकाशानुवर्तन

जिबरेलिन (Gibberellin)

कार्य

  • तने की लंबाई बढ़ाना
  • बीज अंकुरण

साइटोकाइनिन (Cytokinin)

कार्य

  • कोशिका विभाजन
  • वृद्धावस्था रोकना

एब्सिसिक अम्ल (ABA)

कार्य

  • वृद्धि रोकना
  • पत्तियों का गिरना
  • बीज सुप्तावस्था

एथिलीन (Ethylene)

कार्य

  • फल पकाना
  • फूल खिलाना

अनुवर्ती गतियाँ (Tropic Movements)

उद्दीपन की दिशा में होने वाली वृद्धि आधारित गतियाँ।

प्रकाशानुवर्तन (Phototropism)

प्रकाश के प्रति गति।

तना

धनात्मक प्रकाशानुवर्तन

जड़

ऋणात्मक प्रकाशानुवर्तन

गुरुत्वानुवर्तन (Geotropism)

गुरुत्वाकर्षण के प्रति प्रतिक्रिया।

जलानुवर्तन (Hydrotropism)

जल की दिशा में जड़ों की वृद्धि।

स्पर्शानुवर्तन (Thigmotropism)

स्पर्श के प्रति प्रतिक्रिया।

उदाहरण:
लता का सहारे से लिपटना

रसायनानुवर्तन (Chemotropism)

रसायनों के प्रति प्रतिक्रिया।

उदाहरण:
परागनली का बीजांड की ओर बढ़ना

नास्टिक गतियाँ (Nastic Movements)

उद्दीपन की दिशा पर निर्भर न रहने वाली गतियाँ।

सिस्मोनैस्टी (Seismonasty)

स्पर्श के कारण होने वाली गति।

उदाहरण:
छुईमुई पौधा

फोटोनैस्टी (Photonasty)

प्रकाश के कारण होने वाली गति।

थर्मोनैस्टी (Thermonasty)

तापमान के कारण होने वाली गति।

अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System)

हार्मोन बनाने वाली ग्रंथियों का समूह।

हार्मोन (Hormones)

रासायनिक संदेशवाहक पदार्थ जो रक्त द्वारा शरीर में पहुँचते हैं।

हार्मोन की विशेषताएँ

  • कम मात्रा में प्रभावी
  • विशिष्ट कार्य
  • दीर्घकालिक प्रभाव

पीयूष ग्रंथि (Pituitary Gland)

इसे मास्टर ग्रंथि कहते हैं।

कार्य

  • अन्य ग्रंथियों को नियंत्रित करना
  • वृद्धि हार्मोन बनाना

वृद्धि हार्मोन (Growth Hormone)

कमी

बौनापन

अधिकता

दैत्याकारता

थायरॉइड ग्रंथि (Thyroid Gland)

हार्मोन

थायरॉक्सिन

कार्य

  • उपापचय नियंत्रित करना
  • वृद्धि एवं विकास

आयोडीन का महत्व

थायरॉक्सिन निर्माण के लिए आवश्यक।

घेंघा रोग (Goitre)

आयोडीन की कमी से होने वाला रोग।

पैराथायरॉइड ग्रंथि

कैल्शियम संतुलन बनाए रखती है।

एड्रीनल ग्रंथि (Adrenal Gland)

हार्मोन

एड्रीनलिन

कार्य

  • आपातकालीन स्थिति में शरीर को तैयार करना

Fight Or Flight Response

खतरे की स्थिति में:

  • दिल तेजी से धड़कता है
  • साँस तेज हो जाती है
  • ऊर्जा बढ़ जाती है

अग्न्याशय (Pancreas)

मिश्रित ग्रंथि।

इंसुलिन (Insulin)

रक्त में शर्करा की मात्रा नियंत्रित करता है।

मधुमेह (Diabetes)

इंसुलिन की कमी से होने वाला रोग।

ग्लूकागॉन (Glucagon)

रक्त शर्करा बढ़ाता है।

वृषण (Testis)

हार्मोन

टेस्टोस्टेरोन

कार्य

  • पुरुष लक्षण विकसित करना

अंडाशय (Ovary)

हार्मोन

  • एस्ट्रोजन
  • प्रोजेस्टेरोन

कार्य

  • स्त्री लक्षण विकसित करना
  • मासिक चक्र नियंत्रित करना

फीडबैक तंत्र (Feedback Mechanism)

हार्मोन की मात्रा नियंत्रित करने की प्रक्रिया।

तंत्रिका तंत्र एवं हार्मोन तंत्र में अंतर

तंत्रिका तंत्रहार्मोन तंत्र
विद्युत संकेतरासायनिक संकेत
तीव्र प्रतिक्रियाधीमी प्रतिक्रिया
अल्पकालिक प्रभावदीर्घकालिक प्रभाव

महत्वपूर्ण रोग एवं विकार

रोगकारण
घेंघाआयोडीन की कमी
मधुमेहइंसुलिन की कमी
बौनापनवृद्धि हार्मोन की कमी
दैत्याकारतावृद्धि हार्मोन की अधिकता

अध्याय के महत्वपूर्ण तथ्य

  • न्यूरॉन तंत्रिका तंत्र की इकाई है।
  • सेरिब्रम सोचने का केंद्र है।
  • मेरुरज्जु प्रतिवर्ती क्रिया नियंत्रित करती है।
  • ऑक्सिन प्रकाशानुवर्तन में सहायता करता है।
  • इंसुलिन रक्त शर्करा नियंत्रित करता है।
  • पीयूष ग्रंथि मास्टर ग्रंथि कहलाती है।
  • एड्रीनलिन आपातकालीन हार्मोन है।

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