Class 11 रसायन विज्ञान Ch-2 परमाणु की संरचना

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📅 05/06/2026

अध्याय 2 : परमाणु की संरचना (Structure of Atom)

2.1 परमाणु की अवधारणा (Concept of Atom)

परमाणु किसी तत्व का सबसे छोटा कण होता है जो उस तत्व के रासायनिक गुणों को बनाए रखता है। “Atom” शब्द यूनानी शब्द “Atomos” से बना है जिसका अर्थ है “अविभाज्य”। प्राचीन काल में डेमोक्रिटस ने सबसे पहले परमाणु का विचार प्रस्तुत किया था कि पदार्थ अत्यंत छोटे-छोटे कणों से मिलकर बना है।

2.2 डाल्टन का परमाणु सिद्धांत (Dalton’s Atomic Theory)

1808 में जॉन डाल्टन ने आधुनिक परमाणु सिद्धांत प्रस्तुत किया।

मुख्य अभिधारणाएँ

  • सभी पदार्थ परमाणुओं से बने होते हैं।
  • परमाणु अविभाज्य होते हैं।
  • एक ही तत्व के सभी परमाणु समान होते हैं।
  • विभिन्न तत्वों के परमाणु भिन्न होते हैं।
  • रासायनिक अभिक्रियाओं में परमाणु नष्ट नहीं होते बल्कि पुनर्व्यवस्थित होते हैं।

सीमाएँ

  • इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन की खोज के बाद परमाणु विभाज्य सिद्ध हुआ।
  • समस्थानिक एवं समभारिक की व्याख्या नहीं कर सका।

2.3 पदार्थ में विद्युत का प्रवाह (Passage of Electricity Through Gases)

सामान्य अवस्था में गैसें विद्युत की कुचालक होती हैं। जब गैस को कम दाब पर रखकर उस पर उच्च विभव लगाया जाता है तो वह विद्युत का संचालन करने लगती है। इसी अध्ययन से उप-परमाण्विक कणों की खोज हुई।

2.4 कैथोड रे डिस्चार्ज ट्यूब (Cathode Ray Discharge Tube)

यह एक काँच की नली होती है जिसमें कम दाब पर गैस भरी जाती है तथा दो इलेक्ट्रोड लगाए जाते हैं।

  • कैथोड (-)
  • एनोड (+)

उच्च विभव लगाने पर कैथोड से किरणें निकलती हैं जिन्हें कैथोड किरणें कहते हैं।

2.5 कैथोड किरणों के गुण (Properties of Cathode Rays)

  • सीधी रेखा में चलती हैं।
  • ऋणात्मक आवेशित होती हैं।
  • विद्युत एवं चुंबकीय क्षेत्र से विचलित होती हैं।
  • फ्लोरोसेंस उत्पन्न करती हैं।
  • यांत्रिक प्रभाव दिखाती हैं।
  • गैस के प्रकार से स्वतंत्र होती हैं।

2.6 इलेक्ट्रॉन की खोज (Discovery of Electron)

1897 में जे. जे. थॉमसन ने कैथोड किरण प्रयोग द्वारा इलेक्ट्रॉन की खोज की।

e/m अनुपात

इलेक्ट्रॉन के आवेश और द्रव्यमान का अनुपात

em=1.758×108 Cg−1\frac{e}{m}=1.758\times10^8\,Cg^{-1}

यह सभी गैसों के लिए समान पाया गया।

निष्कर्ष

  • इलेक्ट्रॉन सभी तत्वों में उपस्थित होता है।
  • परमाणु विभाज्य है।

2.7 मिलिकन का तेल बूंद प्रयोग (Millikan Oil Drop Experiment)

रॉबर्ट मिलिकन ने इलेक्ट्रॉन का आवेश ज्ञात किया।

इलेक्ट्रॉन का आवेश

1.6022×10−19C1.6022\times10^{-19}C

इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान

9.109×10−31kg9.109\times10^{-31}kg

2.8 धन किरणें (Canal Rays)

यूजीन गोल्डस्टीन ने कैनाल किरणों की खोज की।

गुण

  • धनात्मक आवेशित
  • सीधी रेखा में चलती हैं
  • गैस पर निर्भर करती हैं
  • इलेक्ट्रॉनों से भारी होती हैं

2.9 प्रोटॉन (Proton)

हाइड्रोजन नाभिक को प्रोटॉन कहा जाता है।

विशेषताएँ

  • धनात्मक आवेश (+1)
  • नाभिक में स्थित
  • द्रव्यमान लगभग 1 amu

2.10 न्यूट्रॉन (Neutron)

1932 में जेम्स चैडविक ने न्यूट्रॉन की खोज की।

विशेषताएँ

  • आवेश रहित
  • नाभिक में उपस्थित
  • द्रव्यमान लगभग प्रोटॉन के बराबर

2.11 मूलभूत कणों की तुलना (Comparison of Fundamental Particles)

कणआवेशसापेक्ष द्रव्यमान
Electron-11/1836
Proton+11
Neutron01

2.12 परमाणु क्रमांक (Atomic Number)

नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों की संख्या को परमाणु क्रमांक कहते हैं।

Z=PZ=P

2.13 द्रव्यमान संख्या (Mass Number)

प्रोटॉन और न्यूट्रॉन की कुल संख्या।

A=P+NA=P+N

2.14 परमाणु का प्रतीकात्मक निरूपण (Atomic Representation)

ZAX^A_ZX

जहाँ

  • X = तत्व का प्रतीक
  • A = द्रव्यमान संख्या
  • Z = परमाणु क्रमांक

2.15 समस्थानिक (Isotopes)

समान परमाणु क्रमांक लेकिन अलग द्रव्यमान संख्या वाले परमाणु।

हाइड्रोजन के समस्थानिक

  • प्रोटियम (¹H)
  • ड्यूटेरियम (²H)
  • ट्रिटियम (³H)

उपयोग

  • चिकित्सा
  • नाभिकीय ऊर्जा
  • अनुसंधान

2.16 समभारिक (Isobars)

समान द्रव्यमान संख्या लेकिन अलग परमाणु क्रमांक।

उदाहरण

  • Ar-40
  • Ca-40

2.17 समन्यूट्रॉनिक (Isotones)

जिनमें न्यूट्रॉनों की संख्या समान हो।

2.18 समइलेक्ट्रॉनिक कण (Isoelectronic Species)

जिनमें इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान हो।

उदाहरण

  • O²⁻
  • F⁻
  • Na⁺
  • Mg²⁺

2.19 विद्युतचुम्बकीय विकिरण (Electromagnetic Radiation)

ऊर्जा का वह रूप जो तरंगों के रूप में संचरित होता है।

विशेषताएँ

  • निर्वात में चल सकता है।
  • प्रकाश की गति से चलता है।
  • विद्युत एवं चुंबकीय क्षेत्र एक-दूसरे के लंबवत होते हैं।

2.20 विद्युतचुम्बकीय स्पेक्ट्रम (Electromagnetic Spectrum)

  • Gamma Rays
  • X-Rays
  • Ultraviolet Rays
  • Visible Light
  • Infrared Rays
  • Microwaves
  • Radio Waves

2.21 तरंग की मूल अवधारणाएँ (Wave Concepts)

आयाम (Amplitude)

तरंग की अधिकतम ऊँचाई।

तरंगदैर्ध्य (Wavelength)

दो लगातार शिखरों या गर्तों के बीच की दूरी।

आवृत्ति (Frequency)

एक सेकंड में पूर्ण दोलनों की संख्या।

समयावधि (Time Period)

एक दोलन पूरा करने में लगा समय।

T=1νT=\frac1\nu

तरंग संख्या (Wave Number)

νˉ=1λ\bar{\nu}=\frac1\lambda

वेग

c=νλc=\nu\lambda

2.22 ब्लैक बॉडी विकिरण (Black Body Radiation)

ऐसा पिंड जो सभी विकिरणों को अवशोषित कर लेता है तथा ताप देने पर विकिरण उत्सर्जित करता है।

2.23 प्लांक का क्वांटम सिद्धांत (Planck’s Quantum Theory)

1900 में मैक्स प्लांक ने प्रस्तावित किया।

मुख्य बिंदु

  • ऊर्जा सतत नहीं होती।
  • ऊर्जा छोटे-छोटे पैकेटों में उत्सर्जित होती है।
  • प्रत्येक पैकेट को क्वांटम कहते हैं।

ऊर्जा समीकरण

E=hνE=h\nu

प्लांक नियतांक

h=6.626×10−34Jsh=6.626\times10^{-34}Js

2.24 फोटॉन (Photon)

प्रकाश का सूक्ष्मतम ऊर्जा कण।

विशेषताएँ

  • विश्राम द्रव्यमान शून्य
  • आवेश शून्य
  • ऊर्जा एवं संवेग रखते हैं

2.25 प्रकाश विद्युत प्रभाव (Photoelectric Effect)

जब किसी धातु की सतह पर उपयुक्त आवृत्ति का प्रकाश डाला जाता है तो इलेक्ट्रॉनों का उत्सर्जन होता है।

प्रमुख शब्द

  • Threshold Frequency
  • Work Function
  • Photoelectron
  • Stopping Potential
  • Photoelectric Current

2.26 परमाणु स्पेक्ट्रम (Atomic Spectrum)

सतत स्पेक्ट्रम

सभी तरंगदैर्ध्यों का निरंतर स्पेक्ट्रम।

रेखीय स्पेक्ट्रम

विशिष्ट तरंगदैर्ध्यों की पृथक रेखाएँ।

उत्सर्जन स्पेक्ट्रम

उत्तेजित परमाणु द्वारा उत्सर्जित प्रकाश।

अवशोषण स्पेक्ट्रम

परमाणु द्वारा अवशोषित प्रकाश।

2.27 हाइड्रोजन स्पेक्ट्रम (Hydrogen Spectrum)

लाइमन श्रेणी

पराबैंगनी क्षेत्र (UV)

बाल्मर श्रेणी

दृश्य क्षेत्र (Visible)

पासचेन श्रेणी

अवरक्त क्षेत्र (IR)

ब्रैकेट श्रेणी

अवरक्त क्षेत्र (IR)

फुंड श्रेणी

अवरक्त क्षेत्र (IR)

हम्फ्रीज श्रेणी

अवरक्त क्षेत्र (IR)

2.28 राइडबर्ग समीकरण (Rydberg Equation)

1λ=R(1n12−1n22)\frac1\lambda=R\left(\frac1{n_1^2}-\frac1{n_2^2}\right)

2.29 थॉमसन का परमाणु मॉडल (Thomson Atomic Model)

इसे Plum Pudding Model कहा जाता है।

मुख्य बिंदु

  • परमाणु धनात्मक गोला है।
  • इलेक्ट्रॉन उसमें धँसे हुए हैं।

सीमाएँ

  • नाभिक की व्याख्या नहीं कर पाया।

2.30 रदरफोर्ड का परमाणु मॉडल (Rutherford Atomic Model)

स्वर्ण पत्र प्रयोग (Gold Foil Experiment)

अल्फा कणों द्वारा स्वर्ण पत्र पर प्रहार किया गया।

निष्कर्ष

  • परमाणु का अधिकांश भाग रिक्त है।
  • केंद्र में नाभिक स्थित है।
  • नाभिक धनात्मक होता है।

सीमाएँ

  • परमाणु की स्थिरता नहीं समझा पाया।
  • स्पेक्ट्रम की व्याख्या नहीं कर पाया।

2.31 बोर का परमाणु मॉडल (Bohr Atomic Model)

बोर की अभिधारणाएँ

  • इलेक्ट्रॉन निश्चित कक्षाओं में घूमते हैं।
  • प्रत्येक कक्षा की ऊर्जा निश्चित होती है।
  • ऊर्जा का उत्सर्जन एवं अवशोषण कक्षा परिवर्तन पर होता है।

स्थिर अवस्थाएँ (Stationary States)

  • K Shell
  • L Shell
  • M Shell
  • N Shell

ग्राउंड स्टेट (Ground State)

सबसे कम ऊर्जा वाली अवस्था।

एक्साइटेड स्टेट (Excited State)

ऊर्जा ग्रहण करने के बाद की अवस्था।

बोर त्रिज्या (Bohr Radius)

बोर ऊर्जा (Bohr Energy)

कोणीय संवेग का क्वांटीकरण (Quantization of Angular Momentum)

उपलब्धियाँ

  • हाइड्रोजन स्पेक्ट्रम की व्याख्या
  • परमाणु की स्थिरता की व्याख्या

सीमाएँ

  • बहु-इलेक्ट्रॉन परमाणुओं पर लागू नहीं।

2.32 डी-ब्रॉग्ली का पदार्थ तरंग सिद्धांत (de Broglie Matter Wave Theory)

पदार्थ की द्वैत प्रकृति

प्रत्येक गतिशील कण में तरंग एवं कण दोनों के गुण होते हैं।

डी-ब्रॉग्ली समीकरण

λ=hmv\lambda=\frac{h}{mv}

महत्व

  • इलेक्ट्रॉन की तरंग प्रकृति सिद्ध हुई।
  • क्वांटम यांत्रिकी का विकास हुआ।

2.33 डेविसन-जर्मर प्रयोग (Davisson-Germer Experiment)

इस प्रयोग द्वारा इलेक्ट्रॉन विवर्तन प्रदर्शित किया गया और डी-ब्रॉग्ली सिद्धांत की पुष्टि हुई।

2.34 हाइजेनबर्ग का अनिश्चितता सिद्धांत (Heisenberg Uncertainty Principle)

ΔxΔp≥h4π\Delta x\Delta p \ge \frac{h}{4\pi}

निष्कर्ष

  • इलेक्ट्रॉन की निश्चित कक्षा नहीं हो सकती।
  • इलेक्ट्रॉन की स्थिति और संवेग को एक साथ पूर्ण शुद्धता से ज्ञात नहीं किया जा सकता।

2.35 श्रॉडिंगर का तरंग यांत्रिक मॉडल (Schrödinger Wave Mechanical Model)

वेव फंक्शन (Wave Function)

Ψ द्वारा प्रदर्शित।

प्रायिकता घनत्व (Probability Density)

Ψ² इलेक्ट्रॉन मिलने की संभावना दर्शाता है।

इलेक्ट्रॉन क्लाउड मॉडल

इलेक्ट्रॉन निश्चित मार्ग में नहीं बल्कि संभाव्यता के क्षेत्र में पाया जाता है।

2.36 परमाणु कक्षक (Atomic Orbitals)

नाभिक के चारों ओर वह क्षेत्र जहाँ इलेक्ट्रॉन मिलने की संभावना सर्वाधिक होती है।

2.37 ऑर्बिट एवं ऑर्बिटल में अंतर

2.38 उपकोश (Subshells)

  • s
  • p
  • d
  • f

2.39 s-कक्षक (s-Orbital)

  • गोलाकार आकार
  • 1 Orbital
  • अधिकतम 2 इलेक्ट्रॉन

2.40 p-कक्षक (p-Orbital)

  • डम्बल आकार
  • px, py, pz
  • 3 Orbitals
  • अधिकतम 6 इलेक्ट्रॉन

2.41 d-कक्षक (d-Orbital)

  • dxy, dyz, dzx, dx²-y², dz²
  • 5 Orbitals
  • अधिकतम 10 इलेक्ट्रॉन

2.42 f-कक्षक (f-Orbital)

  • 7 Orbitals
  • अधिकतम 14 इलेक्ट्रॉन

2.43 क्वांटम संख्याएँ (Quantum Numbers)

मुख्य क्वांटम संख्या (n)

  • Shell
  • आकार
  • ऊर्जा

दिगंश क्वांटम संख्या (l)

  • Subshell

चुंबकीय क्वांटम संख्या (m)

  • Orientation

स्पिन क्वांटम संख्या (ms)

  • Spin Direction

2.44 नोड्स (Nodes)

रेडियल नोड

n − l − 1

कोणीय नोड

l

कुल नोड

n − 1

2.45 रेडियल वितरण वक्र (Radial Distribution Curve)

नाभिक से दूरी के साथ इलेक्ट्रॉन मिलने की संभावना का अध्ययन।

2.46 प्रवेश प्रभाव (Penetration Effect)

क्रम:

s > p > d > f

2.47 परिरक्षण प्रभाव (Shielding Effect)

आंतरिक इलेक्ट्रॉन बाहरी इलेक्ट्रॉनों को नाभिकीय आकर्षण से बचाते हैं।

2.48 प्रभावी नाभिकीय आवेश (Effective Nuclear Charge)

Zeff=Z−SZ_{eff}=Z-S

2.49 इलेक्ट्रॉनिक विन्यास (Electronic Configuration)

परमाणु में इलेक्ट्रॉनों का वितरण।

2.50 आउफबाउ सिद्धांत (Aufbau Principle)

कम ऊर्जा वाले ऑर्बिटल पहले भरते हैं।

2.51 (n+l) नियम

ऑर्बिटल भरने का क्रम निर्धारित करता है।

2.52 पाउली अपवर्जन सिद्धांत (Pauli Exclusion Principle)

एक परमाणु में दो इलेक्ट्रॉनों की चारों क्वांटम संख्याएँ समान नहीं हो सकतीं।

2.53 हुंड का अधिकतम बहुलता नियम (Hund’s Rule of Maximum Multiplicity)

समान ऊर्जा वाले ऑर्बिटल पहले अकेले भरते हैं।

2.54 डीजेनेरेट ऑर्बिटल्स (Degenerate Orbitals)

समान ऊर्जा वाले ऑर्बिटल।

2.55 विनिमय ऊर्जा (Exchange Energy)

Half-filled तथा Fully-filled उपकोशों को अतिरिक्त स्थिरता प्रदान करती है।

2.56 अर्धपूर्ण एवं पूर्ण भरे उपकोशों की स्थिरता

Chromium Exception

Cr = [Ar] 3d⁵4s¹

Copper Exception

Cu = [Ar] 3d¹⁰4s¹

2.57 परामैग्नेटिक पदार्थ (Paramagnetic Species)

जिनमें Unpaired Electrons होते हैं।

2.58 डायमैग्नेटिक पदार्थ (Diamagnetic Species)

जिनमें सभी इलेक्ट्रॉन Pair होते हैं।

2.59 ऑर्बिटल डायग्राम (Orbital Diagram)

बॉक्स एवं तीरों की सहायता से इलेक्ट्रॉनों का वितरण।

2.60 बॉक्स नोटेशन (Box Notation)

ऑर्बिटल में इलेक्ट्रॉन व्यवस्था दर्शाने की विधि।

2.61 क्वांटम यांत्रिक परमाणु मॉडल (Quantum Mechanical Model of Atom)

यह वर्तमान में स्वीकृत परमाणु मॉडल है जो डी-ब्रॉग्ली सिद्धांत, हाइजेनबर्ग अनिश्चितता सिद्धांत तथा श्रॉडिंगर तरंग समीकरण पर आधारित है। यह इलेक्ट्रॉन की स्थिति को निश्चित कक्षा के रूप में नहीं बल्कि प्रायिकता के रूप में वर्णित करता है और आधुनिक परमाणु संरचना की सबसे सटीक व्याख्या प्रदान करता है।

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