ऊतक समान उत्पत्ति, संरचना और कार्य वाली कोशिकाओं का समूह होता है। ये कोशिकाएँ मिलकर शरीर में एक विशेष कार्य को कुशलता से करती हैं।
उदाहरण: मांसपेशी ऊतक केवल गति कराता है, जबकि तंत्रिका ऊतक संदेशों का आदान-प्रदान करता है।
एकल कोशिका (unicellular) जीव सभी कार्य स्वयं करती है, लेकिन बहुकोशिकीय जीवों में शरीर बड़ा और जटिल होता है। इसलिए अलग-अलग कार्यों के लिए अलग-अलग ऊतकों की आवश्यकता होती है।
मुख्य कारण:
बहुकोशिकीय जीवों में अलग-अलग ऊतक अलग-अलग कार्य करते हैं। इसे ही श्रम विभाजन कहते हैं।
उदाहरण:
पादप ऊतक दो प्रकार के होते हैं:
इनकी कोशिकाएँ लगातार विभाजित होती रहती हैं।
विशेषताएँ:
यह जड़ और तने के शीर्ष पर पाया जाता है और पौधे की लंबाई बढ़ाता है।
यह तने और जड़ के किनारों पर पाया जाता है और मोटाई बढ़ाता है।
यह पत्तियों के आधार या गाँठों के बीच पाया जाता है और घास जैसे पौधों में तेजी से वृद्धि करता है।
ये कोशिकाएँ विभाजन क्षमता खो देती हैं और विशेष कार्य करती हैं।
यह जीवित कोशिकाओं से बना होता है और भोजन संग्रह करता है तथा पौधे के नरम भाग बनाता है।
इसमें क्लोरोफिल होता है और यह प्रकाश संश्लेषण करता है।
इसमें बड़े वायु स्थान होते हैं जो जलीय पौधों को तैरने में मदद करते हैं।
यह लचीलापन प्रदान करता है और तने व पत्तियों में पाया जाता है।
यह मृत कोशिकाओं से बना कठोर ऊतक है और पौधे को मजबूती देता है।
यह पानी और खनिजों को जड़ से पत्तियों तक पहुँचाता है। इसके घटक ट्रैकीड, वेसल, जाइलम फाइबर और जाइलम पैरेंकाइमा होते हैं।
यह भोजन को पत्तियों से पूरे पौधे में पहुँचाता है। इसके घटक सिव ट्यूब, कॉम्पेनियन सेल, फ्लोएम फाइबर और फ्लोएम पैरेंकाइमा होते हैं।
जंतुओं में चार मुख्य प्रकार के ऊतक पाए जाते हैं: उपकला, संयोजी, पेशीय और तंत्रिका ऊतक।
यह शरीर की बाहरी और आंतरिक सतह को ढकता है और सुरक्षा प्रदान करता है।
विशेषताएँ:
यह पतली और चपटी कोशिकाओं से बना होता है और गैस विनिमय में सहायक होता है।
यह घनाकार कोशिकाओं से बना होता है और स्राव तथा अवशोषण में मदद करता है।
यह लंबी कोशिकाओं से बना होता है और पोषक तत्वों का अवशोषण करता है।
इसमें सिलीया होते हैं जो पदार्थों को आगे बढ़ाते हैं।
यह हार्मोन और एंजाइम का स्राव करता है।
यह शरीर के अंगों को जोड़ने और सहारा देने का कार्य करता है।
यह द्रव संयोजी ऊतक है जो ऑक्सीजन, पोषक तत्व और अपशिष्ट का परिवहन करता है।
यह प्रतिरक्षा प्रणाली में मदद करता है और शरीर को संक्रमण से बचाता है।
यह कठोर ऊतक है जो शरीर को आकार और सहारा देता है।
यह लचीला ऊतक है जो जोड़ों में पाया जाता है।
यह मांसपेशी को हड्डी से जोड़ता है।
यह हड्डी को हड्डी से जोड़ता है और जोड़ को स्थिर रखता है।
यह ऊर्जा संग्रह करता है और शरीर को ताप से सुरक्षा देता है।
यह शरीर की गति के लिए जिम्मेदार होता है।
यह इच्छानुसार काम करती है और तेजी से थकती है।
यह अनैच्छिक होती है और आंतरिक अंगों में पाई जाती है।
यह केवल हृदय में पाई जाती है और लगातार कार्य करती है।
यह शरीर में संदेशों का आदान-प्रदान करता है और नियंत्रण प्रणाली बनाता है।
न्यूरॉन में डेंड्राइट, कोशिका शरीर और एक्सॉन होते हैं। यह विद्युत संकेतों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाता है।
यह दो न्यूरॉनों के बीच संपर्क स्थान है जहाँ से संदेश रासायनिक संकेतों के रूप में गुजरता है।
पादप ऊतक वृद्धि और पोषण में मदद करते हैं, जबकि जंतु ऊतक गति, सुरक्षा, परिवहन और नियंत्रण में सहायता करते हैं।
Study Raw: Education World of India आप सभी Students के सहूलियत के लिए Social Media पर भी सारे Students को Bihar के सारे News से Updated रखते है। आपलोग नीचे दिए किसी भी Social Media से जुर सकते हैं। Follow us with following link mentioned below.
| University Name | Syllabus |
|---|---|
| BRABU Universit BA BSc BCom Syllabus | Syllabus |
| LNMU Universit BA BSc BCom Syllabus | Syllabus |
| TMBU Universit BA BSc BCom Syllabus | Syllabus |
| VKSU Universit BA BSc BCom Syllabus | Syllabus |
| BNMU Universit BA BSc BCom Syllabus | Syllabus |
| Jai Prakash Universit BA BSc BCom Syllabus | Syllabus |
| Patliputra University BA BSc BCom Syllabus | Syllabus |
| Purnea University BA BSc BCom Syllabus | Syllabus |
| Magadh University BA BSc BCom Syllabus | Syllabus |
| Munger University BA BSc BCom Syllabus | Syllabus |
| Patna University BA BSc BCom Syllabus | Syllabus |
Leave a Reply