Class 9 जीवविज्ञान Ch-2 ऊतक

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📅 31/05/2026

अध्याय 2: ऊतक (Tissues) – विस्तृत अध्ययन

ऊतक का अर्थ

ऊतक समान उत्पत्ति, संरचना और कार्य वाली कोशिकाओं का समूह होता है। ये कोशिकाएँ मिलकर शरीर में एक विशेष कार्य को कुशलता से करती हैं।

उदाहरण: मांसपेशी ऊतक केवल गति कराता है, जबकि तंत्रिका ऊतक संदेशों का आदान-प्रदान करता है।

ऊतकों की आवश्यकता

एकल कोशिका (unicellular) जीव सभी कार्य स्वयं करती है, लेकिन बहुकोशिकीय जीवों में शरीर बड़ा और जटिल होता है। इसलिए अलग-अलग कार्यों के लिए अलग-अलग ऊतकों की आवश्यकता होती है।

मुख्य कारण:

  • कार्यों में दक्षता बढ़ती है
  • ऊर्जा की बचत होती है
  • शरीर का संगठन सुव्यवस्थित होता है
  • विशेष कार्यों के लिए विशेषज्ञता मिलती है

श्रम विभाजन (Division of Labour)

बहुकोशिकीय जीवों में अलग-अलग ऊतक अलग-अलग कार्य करते हैं। इसे ही श्रम विभाजन कहते हैं।

उदाहरण:

  • पादप में जाइलम पानी ले जाता है
  • फ्लोएम भोजन पहुँचाता है
  • मनुष्य में रक्त परिवहन करता है

पादप ऊतक (Plant Tissues)

पादप ऊतक दो प्रकार के होते हैं:

  1. विभज्योतक ऊतक (Meristematic)
  2. स्थायी ऊतक (Permanent)

विभज्योतक ऊतक (Meristematic Tissue)

इनकी कोशिकाएँ लगातार विभाजित होती रहती हैं।

विशेषताएँ:

  • कोशिकाएँ छोटी और गोल होती हैं
  • कोशिका भित्ति पतली होती है
  • केंद्रक बड़ा होता है
  • रिक्तिका कम या नहीं होती

शीर्षस्थ विभज्योतक (Apical Meristem)

यह जड़ और तने के शीर्ष पर पाया जाता है और पौधे की लंबाई बढ़ाता है।

पार्श्व विभज्योतक (Lateral Meristem)

यह तने और जड़ के किनारों पर पाया जाता है और मोटाई बढ़ाता है।

अंतर्वेशी विभज्योतक (Intercalary Meristem)

यह पत्तियों के आधार या गाँठों के बीच पाया जाता है और घास जैसे पौधों में तेजी से वृद्धि करता है।

स्थायी ऊतक (Permanent Tissue)

ये कोशिकाएँ विभाजन क्षमता खो देती हैं और विशेष कार्य करती हैं।

सरल स्थायी ऊतक (Simple Permanent Tissue)

पैरेंकाइमा (Parenchyma)

यह जीवित कोशिकाओं से बना होता है और भोजन संग्रह करता है तथा पौधे के नरम भाग बनाता है।

क्लोरेन्काइमा (Chlorenchyma)

इसमें क्लोरोफिल होता है और यह प्रकाश संश्लेषण करता है।

एरेन्काइमा (Aerenchyma)

इसमें बड़े वायु स्थान होते हैं जो जलीय पौधों को तैरने में मदद करते हैं।

कोलेनकाइमा (Collenchyma)

यह लचीलापन प्रदान करता है और तने व पत्तियों में पाया जाता है।

स्क्लेरेनकाइमा (Sclerenchyma)

यह मृत कोशिकाओं से बना कठोर ऊतक है और पौधे को मजबूती देता है।

जटिल स्थायी ऊतक (Complex Permanent Tissue)

जाइलम (Xylem)

यह पानी और खनिजों को जड़ से पत्तियों तक पहुँचाता है। इसके घटक ट्रैकीड, वेसल, जाइलम फाइबर और जाइलम पैरेंकाइमा होते हैं।

फ्लोएम (Phloem)

यह भोजन को पत्तियों से पूरे पौधे में पहुँचाता है। इसके घटक सिव ट्यूब, कॉम्पेनियन सेल, फ्लोएम फाइबर और फ्लोएम पैरेंकाइमा होते हैं।

जंतु ऊतक (Animal Tissue)

जंतुओं में चार मुख्य प्रकार के ऊतक पाए जाते हैं: उपकला, संयोजी, पेशीय और तंत्रिका ऊतक।

उपकला ऊतक (Epithelial Tissue)

यह शरीर की बाहरी और आंतरिक सतह को ढकता है और सुरक्षा प्रदान करता है।

विशेषताएँ:

  • कोशिकाएँ सघन रूप से जुड़ी होती हैं
  • बीच में खाली स्थान नहीं होता
  • सुरक्षा प्रदान करता है

शल्की उपकला (Squamous Epithelium)

यह पतली और चपटी कोशिकाओं से बना होता है और गैस विनिमय में सहायक होता है।

घनाकार उपकला (Cuboidal Epithelium)

यह घनाकार कोशिकाओं से बना होता है और स्राव तथा अवशोषण में मदद करता है।

स्तंभाकार उपकला (Columnar Epithelium)

यह लंबी कोशिकाओं से बना होता है और पोषक तत्वों का अवशोषण करता है।

रोमाभी उपकला (Ciliated Epithelium)

इसमें सिलीया होते हैं जो पदार्थों को आगे बढ़ाते हैं।

ग्रंथिल उपकला (Glandular Epithelium)

यह हार्मोन और एंजाइम का स्राव करता है।

संयोजी ऊतक (Connective Tissue)

यह शरीर के अंगों को जोड़ने और सहारा देने का कार्य करता है।

रक्त (Blood)

यह द्रव संयोजी ऊतक है जो ऑक्सीजन, पोषक तत्व और अपशिष्ट का परिवहन करता है।

लसीका (Lymph)

यह प्रतिरक्षा प्रणाली में मदद करता है और शरीर को संक्रमण से बचाता है।

अस्थि (Bone)

यह कठोर ऊतक है जो शरीर को आकार और सहारा देता है।

उपास्थि (Cartilage)

यह लचीला ऊतक है जो जोड़ों में पाया जाता है।

कण्डरा (Tendon)

यह मांसपेशी को हड्डी से जोड़ता है।

स्नायुबंधन (Ligament)

यह हड्डी को हड्डी से जोड़ता है और जोड़ को स्थिर रखता है।

वसा ऊतक (Adipose Tissue)

यह ऊर्जा संग्रह करता है और शरीर को ताप से सुरक्षा देता है।

पेशीय ऊतक (Muscular Tissue)

यह शरीर की गति के लिए जिम्मेदार होता है।

रेखित पेशी (Striated Muscle)

यह इच्छानुसार काम करती है और तेजी से थकती है।

अरेखित पेशी (Smooth Muscle)

यह अनैच्छिक होती है और आंतरिक अंगों में पाई जाती है।

हृदय पेशी (Cardiac Muscle)

यह केवल हृदय में पाई जाती है और लगातार कार्य करती है।

तंत्रिका ऊतक (Nervous Tissue)

यह शरीर में संदेशों का आदान-प्रदान करता है और नियंत्रण प्रणाली बनाता है।

न्यूरॉन की संरचना

न्यूरॉन में डेंड्राइट, कोशिका शरीर और एक्सॉन होते हैं। यह विद्युत संकेतों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाता है।

सिनेप्स (Synapse)

यह दो न्यूरॉनों के बीच संपर्क स्थान है जहाँ से संदेश रासायनिक संकेतों के रूप में गुजरता है।

विभिन्न ऊतकों के कार्य

पादप ऊतक वृद्धि और पोषण में मदद करते हैं, जबकि जंतु ऊतक गति, सुरक्षा, परिवहन और नियंत्रण में सहायता करते हैं।

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