Class 9 जीवविज्ञान Ch-6 खाद्य संसाधनों में सुधार

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📅 31/05/2026

अध्याय 6 : खाद्य संसाधनों में सुधार

परिचय

मनुष्य के जीवन के लिए भोजन सबसे आवश्यक आवश्यकता है। बढ़ती जनसंख्या के कारण भोजन की मांग लगातार बढ़ रही है। यदि कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और अन्य खाद्य उत्पादन प्रणालियों में सुधार नहीं किया जाए, तो भविष्य में खाद्य संकट उत्पन्न हो सकता है। इसलिए वैज्ञानिक तकनीकों, उन्नत बीजों, आधुनिक कृषि पद्धतियों तथा पशुधन सुधार के माध्यम से खाद्य संसाधनों में वृद्धि करना आवश्यक है।

इस अध्याय में हम फसल उत्पादन, फसल संरक्षण, पशुपालन, डेयरी, मुर्गी पालन, मत्स्य पालन और मधुमक्खी पालन का विस्तार से अध्ययन करेंगे।

खाद्य संसाधनों का महत्व

खाद्य संसाधन वे साधन हैं जिनसे मनुष्य को भोजन प्राप्त होता है। भोजन हमें ऊर्जा, वृद्धि तथा रोगों से लड़ने की क्षमता प्रदान करता है।

खाद्य संसाधनों का महत्व

  • शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं।
  • शारीरिक वृद्धि में सहायता करते हैं।
  • रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं।
  • देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाते हैं।
  • रोजगार के अवसर प्रदान करते हैं।

खाद्य संसाधनों के स्रोत

  1. फसल उत्पादन
  2. पशुपालन
  3. मत्स्य पालन
  4. मधुमक्खी पालन
  5. बागवानी
  6. वानिकी

फसल किस्म सुधार (Crop Variety Improvement)

यह विषय अक्सर छात्रों द्वारा छोड़ दिया जाता है, लेकिन NCERT में यह बहुत महत्वपूर्ण है।

फसल की ऐसी नई किस्में विकसित करना जिनमें अधिक उत्पादन, रोग प्रतिरोधक क्षमता तथा बेहतर गुणवत्ता हो, फसल किस्म सुधार कहलाता है।

फसल सुधार के उद्देश्य

1. अधिक उपज (Higher Yield)

ऐसी किस्में विकसित करना जो कम भूमि में अधिक उत्पादन दें।

2. बेहतर गुणवत्ता (Improved Quality)

उदाहरण:

  • गेहूँ में अधिक प्रोटीन
  • तिलहन में अधिक तेल
  • दालों में अधिक पोषक तत्व

3. जैविक एवं अजैविक प्रतिरोध

जैविक कारक

  • बैक्टीरिया
  • वायरस
  • कवक
  • कीट

अजैविक कारक

  • सूखा
  • बाढ़
  • लवणीयता
  • अत्यधिक तापमान

4. कम अवधि वाली फसलें

ऐसी फसलें जो कम समय में तैयार हो जाएँ।

5. व्यापक अनुकूलन

विभिन्न जलवायु परिस्थितियों में उगने वाली किस्में।

6. वांछनीय कृषि गुण

  • अधिक शाखाएँ
  • मजबूत तना
  • कम ऊँचाई
  • अधिक दाने

कृषि का परिचय

भूमि पर वैज्ञानिक ढंग से फसल उगाने की प्रक्रिया कृषि कहलाती है।

भारत में कृषि का महत्व

  • लगभग आधी जनसंख्या कृषि पर निर्भर है।
  • कृषि देश के खाद्य उत्पादन का मुख्य आधार है।
  • कई उद्योग कृषि पर आधारित हैं।

फसलों के प्रकार

खरीफ फसलें

वर्षा ऋतु में बोई जाने वाली फसलें।

उदाहरण: धान, मक्का, कपास, सोयाबीन

रबी फसलें

सर्दी के मौसम में बोई जाने वाली फसलें।

उदाहरण: गेहूँ, चना, सरसों

जायद फसलें

गर्मी के मौसम में उगाई जाने वाली फसलें।

उदाहरण: तरबूज, खरबूजा, खीरा

फसल उत्पादन प्रबंधन

फसल उत्पादन बढ़ाने के लिए अपनाए जाने वाले वैज्ञानिक उपायों को फसल उत्पादन प्रबंधन कहते हैं।

इसके तीन प्रमुख भाग हैं:

  1. पोषक तत्व प्रबंधन
  2. सिंचाई प्रबंधन
  3. फसल सुरक्षा प्रबंधन

मृदा (Soil)

मृदा पौधों की वृद्धि का आधार है।

मृदा के घटक

  • खनिज पदार्थ
  • जल
  • वायु
  • जीवांश (Humus)
  • सूक्ष्मजीव

मृदा की उर्वरता

मिट्टी की पौधों को पोषक तत्व देने की क्षमता को उर्वरता कहते हैं।

खेत की तैयारी

जुताई

मिट्टी को पलटने तथा ढीला करने की प्रक्रिया जुताई कहलाती है।

लाभ

  • जड़ों का विकास अच्छा होता है।
  • मिट्टी में वायु प्रवेश करती है।
  • खरपतवार नष्ट होते हैं।
  • जल संरक्षण बढ़ता है।

समतलीकरण

खेत को समतल बनाने की प्रक्रिया।

लाभ

  • सिंचाई समान रूप से होती है।
  • मिट्टी का कटाव कम होता है।

बुवाई

बीजों को उचित गहराई और दूरी पर बोना बुवाई कहलाता है।

अच्छे बीजों की विशेषताएँ

  • रोगमुक्त
  • शुद्ध
  • स्वस्थ
  • उच्च अंकुरण क्षमता वाले

बीज उपचार

बुवाई से पहले बीजों को दवा या जैविक पदार्थ से उपचारित करना।

लाभ

  • रोगों से सुरक्षा
  • अंकुरण में वृद्धि
  • उत्पादन में वृद्धि

पोषक तत्व प्रबंधन

पौधों को वृद्धि के लिए 16 आवश्यक पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है।

प्रमुख पोषक तत्व

नाइट्रोजन (N)

  • पत्तियों की वृद्धि
  • हरापन प्रदान करता है

फॉस्फोरस (P)

  • जड़ों का विकास
  • फूल एवं फल बनने में सहायता

पोटैशियम (K)

  • रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है

सूक्ष्म पोषक तत्व

  • जिंक
  • आयरन
  • कॉपर
  • बोरॉन
  • मैंगनीज

खाद (Manure)

प्राकृतिक स्रोतों से प्राप्त पोषक पदार्थ।

खाद के प्रकार

गोबर खाद

पशुओं के गोबर से तैयार।

कम्पोस्ट खाद

कूड़े-कचरे और पौध अवशेषों से बनाई जाती है।

हरी खाद

हरी फसल को मिट्टी में दबाकर तैयार की जाती है।

वर्मी कम्पोस्ट

केंचुओं द्वारा बनाई गई उच्च गुणवत्ता वाली खाद।

जैव उर्वरक (Biofertilizer)

यह विषय भी अक्सर छूट जाता है।

उदाहरण:

  • राइजोबियम
  • एजोटोबैक्टर
  • नील हरित शैवाल

ये वायुमंडलीय नाइट्रोजन को स्थिर करते हैं।

उर्वरक

रासायनिक पदार्थ जो पौधों को पोषक तत्व प्रदान करते हैं।

प्रमुख उर्वरक

  • यूरिया
  • डीएपी
  • एनपीके
  • सुपर फॉस्फेट

उर्वरकों की हानियाँ

  • जल प्रदूषण
  • मृदा प्रदूषण
  • सूक्ष्मजीवों की संख्या में कमी

सिंचाई

फसलों को कृत्रिम रूप से पानी देना सिंचाई कहलाता है।

सिंचाई की आवश्यकता

  • बीज अंकुरण
  • प्रकाश संश्लेषण
  • पोषक तत्वों का परिवहन

सिंचाई के स्रोत

  • कुएँ
  • नलकूप
  • तालाब
  • नहर
  • बाँध

आधुनिक सिंचाई विधियाँ

स्प्रिंकलर सिंचाई

पानी का छिड़काव वर्षा की तरह किया जाता है।

ड्रिप सिंचाई

पानी सीधे जड़ों तक पहुँचाया जाता है।

जल संरक्षण तकनीक

  • वर्षा जल संचयन
  • मल्चिंग
  • ड्रिप सिंचाई

खरपतवार

फसलों के साथ उगने वाले अवांछित पौधे।

हानियाँ

  • पोषक तत्वों की हानि
  • उत्पादन में कमी
  • रोगों का प्रसार

खरपतवार नियंत्रण

  • हाथ से निराई
  • खुरपी
  • वीडिसाइड
  • मल्चिंग

कीट एवं रोग नियंत्रण

प्रमुख कीट

  • तना छेदक
  • माहू
  • टिड्डी

रोग

  • रतुआ रोग
  • झुलसा रोग
  • मोज़ेक रोग

नियंत्रण

  • जैविक नियंत्रण
  • रासायनिक नियंत्रण
  • फसल चक्र

फसल संरक्षण

कटाई (Harvesting)

परिपक्व फसल को काटने की प्रक्रिया।

मड़ाई (Threshing)

अनाज को भूसे से अलग करना।

विन्नोइंग (Winnowing)

भूसे और दानों को हवा की सहायता से अलग करना।

संयुक्त हार्वेस्टर (Combine Harvester)

कटाई, मड़ाई और सफाई एक साथ करता है।

भंडारण

कटाई के बाद अनाज को सुरक्षित रखना।

भंडारण के शत्रु

  • कीट
  • चूहे
  • नमी
  • कवक
  • बैक्टीरिया

संरक्षण उपाय

  • धूम्रीकरण
  • सुखाना
  • वायुरोधी भंडारण

पशुपालन (Animal Husbandry)

पशुओं के वैज्ञानिक पालन-पोषण को पशुपालन कहते हैं।

उद्देश्य

  • दूध
  • मांस
  • अंडा
  • ऊन
  • श्रम

डेयरी उद्योग

दूध उत्पादन एवं प्रसंस्करण से संबंधित उद्योग।

अच्छी दुग्धारू नस्लें

विदेशी नस्लें

  • जर्सी
  • होल्स्टीन फ्रिज़ियन

भारतीय नस्लें

  • साहीवाल
  • गिर
  • रेड सिंधी

पशु स्वास्थ्य प्रबंधन

  • टीकाकरण
  • संतुलित आहार
  • स्वच्छ आवास

मुर्गी पालन

प्रमुख उद्देश्य

  • अंडा उत्पादन
  • मांस उत्पादन

लेयर

अंडा देने वाली मुर्गियाँ।

ब्रॉयलर

मांस उत्पादन के लिए पाली जाने वाली मुर्गियाँ।

ब्रॉयलर की विशेषताएँ

  • तेजी से वृद्धि
  • उच्च प्रोटीन आहार

मत्स्य पालन

मत्स्य पालन के प्रकार

अंतर्देशीय मत्स्य पालन

तालाब, झील, नदी आदि में।

समुद्री मत्स्य पालन

समुद्र में।

प्रमुख मछलियाँ

  • रोहू
  • कतला
  • मृगल
  • हिल्सा

मिश्रित मत्स्य पालन (Composite Fish Culture)

एक तालाब में विभिन्न स्तरों पर रहने वाली कई मछलियों को साथ पालना।

लाभ

  • भोजन की बर्बादी नहीं होती।
  • उत्पादन बढ़ता है।

मधुमक्खी पालन (Apiculture)

मधुमक्खियों का वैज्ञानिक पालन।

उत्पाद

  • शहद
  • मोम
  • रॉयल जेली

लाभ

  • अतिरिक्त आय
  • परागण में वृद्धि
  • फसल उत्पादन में वृद्धि

जैविक खेती (Organic Farming)

रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के बिना खेती करना।

उपयोग किए जाने वाले पदार्थ

  • गोबर खाद
  • वर्मी कम्पोस्ट
  • जैव उर्वरक
  • जैव कीटनाशक

जैविक कीटनाशक

यह भी एक महत्वपूर्ण विषय है।

उदाहरण

  • नीम तेल
  • बैसिलस थुरिन्जिएन्सिस (Bt)
  • ट्राइकोडर्मा

टिकाऊ कृषि (Sustainable Agriculture)

ऐसी कृषि जो वर्तमान और भविष्य दोनों की आवश्यकताओं को पूरा करे।

सिद्धांत

  • मिट्टी संरक्षण
  • जल संरक्षण
  • पर्यावरण संरक्षण
  • जैव विविधता संरक्षण

हरित क्रांति (Green Revolution)

भारत में खाद्यान्न उत्पादन बढ़ाने के लिए अपनाई गई आधुनिक कृषि तकनीकों को हरित क्रांति कहते हैं।

प्रमुख विशेषताएँ

  • उन्नत बीज
  • रासायनिक उर्वरक
  • सिंचाई
  • कृषि यंत्रीकरण

लाभ

  • खाद्यान्न उत्पादन में वृद्धि

हानि

  • मृदा एवं जल प्रदूषण

खाद्य सुरक्षा (Food Security)

प्रत्येक व्यक्ति को पर्याप्त, सुरक्षित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध होना।

खाद्य सुरक्षा के स्तंभ

  1. उपलब्धता
  2. पहुँच
  3. उपयोग
  4. स्थिरता

उत्पादन बढ़ाने के उपाय

  • उच्च उपज वाली किस्में (HYV Seeds)
  • संकर बीज
  • जैव प्रौद्योगिकी
  • ऊतक संवर्धन (Tissue Culture)
  • कृषि यंत्रीकरण
  • ड्रोन आधारित कृषि
  • मृदा परीक्षण
  • फसल चक्र
  • मिश्रित खेती
  • अंतरफसली खेती
  • जैविक खेती
  • आधुनिक सिंचाई
  • वैज्ञानिक भंडारण

परीक्षा हेतु अत्यंत महत्वपूर्ण शब्द

  • कृषि
  • जुताई
  • बुवाई
  • खाद
  • उर्वरक
  • जैव उर्वरक
  • सिंचाई
  • खरपतवार
  • वीडिसाइड
  • फसल चक्र
  • मड़ाई
  • विन्नोइंग
  • पशुपालन
  • डेयरी
  • ब्रॉयलर
  • लेयर
  • मत्स्य पालन
  • मिश्रित मत्स्य पालन
  • मधुमक्खी पालन
  • जैविक खेती
  • टिकाऊ कृषि
  • खाद्य सुरक्षा
  • हरित क्रांति

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