Class 9 रसायन विज्ञान Ch-3 परमाणु और अणु

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📅 31/05/2026

अध्याय 3: परमाणु और अणु

परमाणु और अणु रसायन विज्ञान के सबसे महत्वपूर्ण अध्यायों में से एक है। इस अध्याय में हम यह समझते हैं कि पदार्थ किन सूक्ष्म कणों से बना होता है, वे कण आपस में कैसे जुड़ते हैं, यौगिक कैसे बनते हैं तथा रासायनिक अभिक्रियाओं में द्रव्यमान और कणों का व्यवहार कैसा होता है।

पदार्थ की सूक्ष्म प्रकृति

प्राचीन समय में वैज्ञानिकों का मानना था कि यदि किसी पदार्थ को बार-बार विभाजित किया जाए तो एक ऐसी अवस्था आएगी जहाँ उसे और नहीं तोड़ा जा सकेगा। इसी विचार से परमाणु की अवधारणा विकसित हुई।

पदार्थ के सभी रूप जैसे जल, वायु, मिट्टी, लोहा, सोना आदि अत्यंत सूक्ष्म कणों से बने होते हैं। ये कण इतने छोटे होते हैं कि इन्हें सामान्य आँखों से नहीं देखा जा सकता।

रासायनिक संयोजन के नियम

जब तत्व आपस में मिलकर यौगिक बनाते हैं तो वे कुछ निश्चित नियमों का पालन करते हैं।

द्रव्यमान संरक्षण का नियम

इस नियम के अनुसार किसी रासायनिक अभिक्रिया में कुल द्रव्यमान हमेशा स्थिर रहता है।

अर्थात:

  • अभिकारकों का कुल द्रव्यमान = उत्पादों का कुल द्रव्यमान
  • द्रव्यमान न तो उत्पन्न किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है।

उदाहरण:

यदि 4 ग्राम हाइड्रोजन और 32 ग्राम ऑक्सीजन मिलकर जल बनाते हैं, तो प्राप्त जल का कुल द्रव्यमान 36 ग्राम होगा।

स्थिर अनुपात का नियम

इस नियम के अनुसार कोई भी शुद्ध यौगिक हमेशा निश्चित द्रव्यमान अनुपात में तत्वों से बना होता है।

उदाहरण:

जल (H₂O) चाहे नदी का हो, समुद्र का हो या प्रयोगशाला में बनाया गया हो, उसमें हाइड्रोजन और ऑक्सीजन का द्रव्यमान अनुपात हमेशा 1:8 ही रहेगा।

डाल्टन का परमाणु सिद्धांत

वैज्ञानिक John Dalton ने 1808 में परमाणु सिद्धांत प्रस्तुत किया।

सिद्धांत के मुख्य बिंदु

  • सभी पदार्थ परमाणुओं से बने होते हैं।
  • परमाणु अविभाज्य होते हैं।
  • एक ही तत्व के सभी परमाणु समान होते हैं।
  • विभिन्न तत्वों के परमाणु अलग-अलग होते हैं।
  • परमाणु सरल अनुपात में मिलकर यौगिक बनाते हैं।
  • रासायनिक अभिक्रियाओं में परमाणुओं का निर्माण या विनाश नहीं होता।

आधुनिक संशोधन

बाद में इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन की खोज हुई। इससे पता चला कि परमाणु विभाज्य है।

परमाणु (Atom)

परमाणु किसी तत्व का सबसे छोटा कण है जो उस तत्व के सभी रासायनिक गुणों को बनाए रखता है।

उदाहरण:

  • हाइड्रोजन का परमाणु
  • ऑक्सीजन का परमाणु
  • सोडियम का परमाणु

परमाणु की विशेषताएँ

  • अत्यंत सूक्ष्म होते हैं।
  • स्वतंत्र रूप से प्रायः नहीं पाए जाते।
  • रासायनिक अभिक्रियाओं में भाग लेते हैं।

परमाणु की संरचना (Basic Introduction)

हालाँकि यह विषय अगले अध्याय में विस्तार से पढ़ाया जाता है, फिर भी आधारभूत जानकारी आवश्यक है।

परमाणु के तीन मुख्य कण होते हैं:

  • इलेक्ट्रॉन (ऋणात्मक)
  • प्रोटॉन (धनात्मक)
  • न्यूट्रॉन (उदासीन)

परमाणु का केंद्रक प्रोटॉन और न्यूट्रॉन से बना होता है जबकि इलेक्ट्रॉन केंद्रक के चारों ओर घूमते हैं।

तत्वों के प्रतीक (Symbols)

प्रत्येक तत्व को एक विशेष प्रतीक द्वारा दर्शाया जाता है।

प्रतीक बनाने के नियम

  • पहला अक्षर हमेशा बड़ा होगा।
  • दूसरा अक्षर (यदि हो) छोटा होगा।

उदाहरण:

  • H = Hydrogen
  • O = Oxygen
  • N = Nitrogen
  • Fe = Iron
  • Na = Sodium
  • K = Potassium

प्रतीकों का महत्व

एक प्रतीक निम्न बातों को दर्शाता है:

  • तत्व का नाम
  • तत्व का एक परमाणु
  • तत्व का परमाणु द्रव्यमान

उदाहरण:

O का अर्थ ऑक्सीजन का एक परमाणु भी है।

अणु (Molecule)

दो या दो से अधिक परमाणुओं के रासायनिक संयोजन से बने समूह को अणु कहते हैं।

अणु पदार्थ का वह सबसे छोटा कण है जो स्वतंत्र रूप से अस्तित्व में रह सकता है।

उदाहरण:

  • H₂
  • O₂
  • H₂O
  • CO₂

अणुओं के प्रकार

तत्वीय अणु

एक ही प्रकार के परमाणुओं से बने अणु।

उदाहरण:

  • H₂
  • O₂
  • N₂
  • Cl₂

यौगिक अणु

भिन्न तत्वों के परमाणुओं से बने अणु।

उदाहरण:

  • H₂O
  • NH₃
  • CO₂
  • CH₄

परमाणुकता (Atomicity)

किसी अणु में उपस्थित कुल परमाणुओं की संख्या को परमाणुकता कहते हैं।

एक परमाणुक

  • He
  • Ne
  • Ar

द्विपरमाणुक

  • H₂
  • O₂
  • N₂

त्रिपरमाणुक

  • O₃
  • CO₂

चतुष्परमाणुक

  • P₄

अष्टपरमाणुक

  • S₈

आयन (Ions)

जब परमाणु इलेक्ट्रॉन ग्रहण या त्यागते हैं तो आयन बनते हैं।

आयन बनने का कारण

सभी परमाणु स्थायी इलेक्ट्रॉनिक विन्यास प्राप्त करना चाहते हैं। इसी कारण वे इलेक्ट्रॉन ग्रहण या त्यागते हैं।

धनायन (Cation)

इलेक्ट्रॉन त्यागने पर बनने वाला धनात्मक आयन।

उदाहरण:

  • Na⁺
  • K⁺
  • Mg²⁺
  • Ca²⁺
  • Al³⁺

ऋणायन (Anion)

इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने पर बनने वाला ऋणात्मक आयन।

उदाहरण:

  • Cl⁻
  • O²⁻
  • S²⁻
  • N³⁻

बहुपरमाणुक आयन

ऐसे आयन जो एक से अधिक परमाणुओं से बने होते हैं।

महत्वपूर्ण बहुपरमाणुक आयन:

  • NH₄⁺ = अमोनियम
  • OH⁻ = हाइड्रॉक्साइड
  • NO₃⁻ = नाइट्रेट
  • NO₂⁻ = नाइट्राइट
  • CO₃²⁻ = कार्बोनेट
  • HCO₃⁻ = बाइकार्बोनेट
  • SO₄²⁻ = सल्फेट
  • SO₃²⁻ = सल्फाइट
  • PO₄³⁻ = फॉस्फेट
  • CH₃COO⁻ = एसीटेट

संयोजकता (Valency)

किसी तत्व की दूसरे तत्वों के साथ जुड़ने की क्षमता को संयोजकता कहते हैं।

संयोजकता ज्ञात करने के तरीके

इलेक्ट्रॉन त्यागकर या ग्रहण करके संयोजकता निर्धारित की जाती है।

परिवर्तनशील संयोजकता

कुछ तत्व एक से अधिक संयोजकता प्रदर्शित करते हैं।

उदाहरण:

  • Fe = 2 तथा 3
  • Cu = 1 तथा 2
  • Sn = 2 तथा 4

मूलक (Radicals)

एक परमाणु या परमाणुओं का समूह जो रासायनिक अभिक्रियाओं में एक इकाई की तरह व्यवहार करता है।

उदाहरण:

  • OH⁻
  • NO₃⁻
  • SO₄²⁻

रासायनिक सूत्र (Chemical Formula)

किसी यौगिक की संरचना को संक्षेप में व्यक्त करने का तरीका रासायनिक सूत्र कहलाता है।

रासायनिक सूत्र का महत्व

  • तत्वों की संख्या बताता है।
  • यौगिक की संरचना बताता है।
  • आणविक द्रव्यमान ज्ञात करने में सहायता करता है।

रासायनिक सूत्र लिखने के नियम

  • पहले धनात्मक आयन लिखा जाता है।
  • बाद में ऋणात्मक आयन लिखा जाता है।
  • संयोजकताएँ संतुलित की जाती हैं।
  • बहुपरमाणुक आयन होने पर कोष्ठक का प्रयोग किया जाता है।

उदाहरण:

Ca(OH)₂

Al₂(SO₄)₃

क्रॉस विधि (Criss-Cross Method)

Na⁺ और Cl⁻ से NaCl बनता है।

Mg²⁺ और Cl⁻ से MgCl₂ बनता है।

Al³⁺ और O²⁻ से Al₂O₃ बनता है।

परमाणु द्रव्यमान

किसी परमाणु का सापेक्ष द्रव्यमान परमाणु द्रव्यमान कहलाता है।

परमाणु द्रव्यमान इकाई

1 u = Carbon-12 परमाणु के द्रव्यमान का 1/12 भाग

समस्थानिक (Isotopes)

एक ही तत्व के ऐसे परमाणु जिनकी परमाणु संख्या समान लेकिन द्रव्यमान संख्या अलग होती है।

उदाहरण:

  • Protium (¹H)
  • Deuterium (²H)
  • Tritium (³H)

समस्थानिकों के उपयोग

  • चिकित्सा में
  • ऊर्जा उत्पादन में
  • वैज्ञानिक अनुसंधान में

समभारिक (Isobars)

भिन्न तत्वों के ऐसे परमाणु जिनकी द्रव्यमान संख्या समान होती है।

उदाहरण:

  • Argon-40
  • Calcium-40

आणविक द्रव्यमान

अणु में उपस्थित सभी परमाणुओं के द्रव्यमानों का योग।

उदाहरण:

H₂O = 18 u

सूत्र इकाई द्रव्यमान

आयनिक यौगिकों के लिए प्रयुक्त द्रव्यमान।

उदाहरण:

NaCl = 58.5 u

मोल अवधारणा

रसायन विज्ञान में पदार्थ की मात्रा मापने की इकाई मोल कहलाती है।

1 mol=6.022×1023 particles1\ mol = 6.022\times10^{23}\ particles

इस संख्या को अवोगाद्रो संख्या कहते हैं।

अवोगाद्रो संख्या

वैज्ञानिक Amedeo Avogadro के नाम पर इसका नाम रखा गया है।

मान: 6.022 × 10²³

महत्व

  • परमाणुओं की गणना
  • अणुओं की गणना
  • आयनों की गणना
  • रासायनिक गणनाएँ

मोलर द्रव्यमान

1 मोल पदार्थ का द्रव्यमान।

उदाहरण:

  • H₂O = 18 g/mol
  • CO₂ = 44 g/mol
  • O₂ = 32 g/mol

ग्राम परमाणु द्रव्यमान

परमाणु द्रव्यमान को ग्राम में व्यक्त करना।

उदाहरण:

Na = 23 g

ग्राम आणविक द्रव्यमान

आणविक द्रव्यमान को ग्राम में व्यक्त करना।

उदाहरण:

H₂O = 18 g

मोल अवधारणा के महत्वपूर्ण सूत्र

मोल = द्रव्यमान ÷ मोलर द्रव्यमान

द्रव्यमान = मोल × मोलर द्रव्यमान

कणों की संख्या = मोल × 6.022 × 10²³

मोल = कणों की संख्या ÷ 6.022 × 10²³

अध्याय में अक्सर छूट जाने वाले महत्वपूर्ण टॉपिक्स

  • पदार्थ की सूक्ष्म प्रकृति
  • परमाणु की संरचना का परिचय
  • तत्वों के प्रतीक एवं उनके नियम
  • मूलक (Radicals)
  • बहुपरमाणुक आयन
  • परिवर्तनशील संयोजकता
  • समस्थानिक (Isotopes)
  • समभारिक (Isobars)
  • मोलर द्रव्यमान
  • ग्राम आणविक द्रव्यमान
  • रासायनिक सूत्र लिखने के विस्तृत नियम
  • क्रॉस विधि के उदाहरण
  • अवोगाद्रो संख्या का महत्व
  • आयनों के निर्माण की प्रक्रिया
  • तत्वीय एवं यौगिक अणुओं का अंतर
  • परमाणुकता के विभिन्न प्रकार

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