Class 9 रसायन विज्ञान Ch-4 परमाणु की संरचना

💁 Study Raw

📅 31/05/2026

अध्याय 4: परमाणु की संरचना (Atomic Structure – Complete Detailed Notes)

परमाणु (Atom) पदार्थ का सबसे छोटा कण है जो किसी तत्व के सभी रासायनिक गुणों को बनाए रखता है। यह अब सिद्ध हो चुका है कि परमाणु भी छोटे-छोटे कणों से मिलकर बना होता है जिन्हें उपपरमाण्विक कण (Subatomic Particles) कहा जाता है।

1. उपपरमाण्विक कण (Subatomic Particles)

परमाणु मुख्य रूप से तीन कणों से मिलकर बना होता है: इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन।

इलेक्ट्रॉन (Electron)

इलेक्ट्रॉन ऋण आवेश (-1) वाला कण है जो नाभिक के बाहर ऊर्जा स्तरों (shells) में घूमता है। इसका द्रव्यमान बहुत ही कम होता है इसलिए इसे लगभग नगण्य माना जाता है। इलेक्ट्रॉन रासायनिक बंध (chemical bonding) और प्रतिक्रियाओं में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। किसी भी तत्व का व्यवहार उसके इलेक्ट्रॉनों पर निर्भर करता है।

प्रोटॉन (Proton)

प्रोटॉन धन आवेश (+1) वाला कण है जो परमाणु के नाभिक में पाया जाता है। इसका द्रव्यमान लगभग 1 amu होता है। प्रोटॉन की संख्या ही किसी तत्व का परमाणु क्रमांक (Atomic Number) तय करती है। यही कारण है कि हर तत्व अलग होता है।

न्यूट्रॉन (Neutron)

न्यूट्रॉन पर कोई आवेश नहीं होता (0 charge)। यह भी नाभिक में स्थित होता है और परमाणु की स्थिरता (stability) बनाए रखने में मदद करता है। न्यूट्रॉन की संख्या बदलने से समस्थानिक (Isotopes) बनते हैं।

2. कणों की खोज (Discovery of Subatomic Particles)

इलेक्ट्रॉन की खोज J.J. Thomson ने Cathode Ray Experiment के माध्यम से की थी। उन्होंने पाया कि परमाणु के अंदर ऋण आवेशित कण मौजूद होते हैं जिन्हें इलेक्ट्रॉन कहा गया।

प्रोटॉन की खोज Goldstein ने Canal Ray Experiment (Anode Rays) के माध्यम से की थी जिसमें धन आवेशित कणों का पता चला।

न्यूट्रॉन की खोज James Chadwick ने 1932 में की थी जब उन्होंने बेरिलियम पर अल्फा कणों की बमबारी की और बिना आवेश वाला कण खोजा।

3. परमाणु मॉडल (Atomic Models)

थॉमसन मॉडल

इस मॉडल के अनुसार परमाणु एक धनात्मक गोला होता है जिसमें इलेक्ट्रॉन समान रूप से फैले होते हैं जैसे केक में किशमिश। यह मॉडल परमाणु की संरचना को सरल रूप में समझाता है लेकिन नाभिक की अवधारणा को नहीं समझा सका।

रदरफोर्ड मॉडल

Gold Foil Experiment के आधार पर रदरफोर्ड ने बताया कि परमाणु का अधिकांश भाग खाली होता है और केंद्र में एक छोटा, घना और धनात्मक नाभिक होता है। इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर घूमते हैं। लेकिन यह मॉडल इलेक्ट्रॉन की स्थिरता को नहीं समझा पाया।

बोहर मॉडल

बोहर ने बताया कि इलेक्ट्रॉन निश्चित ऊर्जा स्तरों (K, L, M, N shells) में घूमते हैं और वे ऊर्जा ग्रहण या उत्सर्जन करके एक कक्षा से दूसरी कक्षा में जा सकते हैं। यह मॉडल हाइड्रोजन के स्पेक्ट्रम को समझाने में सफल रहा।

4. इलेक्ट्रॉन कक्षाएँ (Electron Shells)

इलेक्ट्रॉन निश्चित ऊर्जा स्तरों में रहते हैं जिन्हें shells कहते हैं। K shell में अधिकतम 2 इलेक्ट्रॉन, L shell में 8, M shell में 18 और N shell में 32 इलेक्ट्रॉन होते हैं। इलेक्ट्रॉन हमेशा सबसे पहले कम ऊर्जा वाली कक्षा को भरते हैं। इसे Aufbau principle से भी समझाया जाता है।

5. परमाणु क्रमांक (Atomic Number)

किसी तत्व के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉन की संख्या को परमाणु क्रमांक कहते हैं। इसे Z से दर्शाया जाता है। न्यूट्रल परमाणु में इलेक्ट्रॉन की संख्या भी प्रोटॉन के बराबर होती है।

6. द्रव्यमान संख्या (Mass Number)

प्रोटॉन और न्यूट्रॉन की कुल संख्या को द्रव्यमान संख्या कहते हैं। इसे A से दर्शाया जाता है। यह परमाणु के कुल द्रव्यमान को दर्शाता है।

7. समस्थानिक (Isotopes)

वे परमाणु जिनका परमाणु क्रमांक समान होता है लेकिन द्रव्यमान संख्या अलग होती है समस्थानिक कहलाते हैं। इसका कारण न्यूट्रॉन की संख्या का अलग होना होता है। उदाहरण: Hydrogen के Protium, Deuterium और Tritium। इनके रासायनिक गुण समान लेकिन भौतिक गुण अलग होते हैं।

8. समभारिक (Isobars)

वे परमाणु जिनकी द्रव्यमान संख्या समान होती है लेकिन परमाणु क्रमांक अलग होता है उन्हें समभारिक कहते हैं। उदाहरण: Argon और Calcium (दोनों का mass 40 हो सकता है)।

9. संयोजक इलेक्ट्रॉन (Valence Electrons)

परमाणु की सबसे बाहरी कक्षा में उपस्थित इलेक्ट्रॉन संयोजक इलेक्ट्रॉन कहलाते हैं। ये रासायनिक बंध बनाने में भाग लेते हैं और तत्व की क्रियाशीलता तय करते हैं।

10. संयोजकता (Valency)

किसी तत्व की दूसरे तत्वों से जुड़ने की क्षमता को संयोजकता कहते हैं। यह इस बात पर निर्भर करती है कि परमाणु कितने इलेक्ट्रॉन खो सकता है, ले सकता है या साझा कर सकता है।

11. अष्टक नियम (Octet Rule)

परमाणु स्थिर होने के लिए अपनी बाहरी कक्षा में 8 इलेक्ट्रॉन प्राप्त करने की कोशिश करता है। इसके लिए वह इलेक्ट्रॉन देता है, लेता है या साझा करता है। उदाहरण के लिए सोडियम 1 इलेक्ट्रॉन छोड़ता है और क्लोरीन 1 इलेक्ट्रॉन लेता है।

12. आधुनिक परमाणु सिद्धांत (Modern Atomic Theory)

आधुनिक सिद्धांत के अनुसार इलेक्ट्रॉन किसी निश्चित कक्षा में नहीं घूमते बल्कि वे electron cloud में पाए जाते हैं। इलेक्ट्रॉन की स्थिति निश्चित नहीं होती बल्कि probability पर आधारित होती है। इसे क्वांटम यांत्रिकी (Quantum Mechanics) कहा जाता है।

13. क्वांटम संख्या (Quantum Numbers)

Principal quantum number ऊर्जा स्तर बताता है, azimuthal quantum number उपकक्षा बताता है, magnetic quantum number दिशा बताता है और spin quantum number इलेक्ट्रॉन के घूमने की दिशा बताता है।

14. नाभिक (Nucleus)

नाभिक परमाणु का केंद्र भाग होता है जिसमें प्रोटॉन और न्यूट्रॉन होते हैं। परमाणु का लगभग पूरा द्रव्यमान नाभिक में ही केंद्रित होता है।

15. इलेक्ट्रॉन विन्यास (Electronic Configuration)

इलेक्ट्रॉन Aufbau principle, Pauli exclusion principle और Hund’s rule के अनुसार भरते हैं। इलेक्ट्रॉन हमेशा कम ऊर्जा वाली कक्षा से शुरुआत करते हैं और अधिक ऊर्जा वाली कक्षा की ओर जाते हैं।

16. आयन (Ions)

जब परमाणु इलेक्ट्रॉन खो देता है तो धनायन (cation) बनता है और जब इलेक्ट्रॉन प्राप्त करता है तो ऋणायन (anion) बनता है। उदाहरण Na⁺ और Cl⁻।

17. रदरफोर्ड प्रयोग का महत्व

इस प्रयोग से यह सिद्ध हुआ कि परमाणु का अधिकांश भाग खाली होता है और नाभिक बहुत छोटा लेकिन घना होता है। इसी प्रयोग ने आधुनिक परमाणु सिद्धांत की नींव रखी।

18. अतिरिक्त महत्वपूर्ण बिंदु

परमाणु की स्थिरता न्यूट्रॉन पर निर्भर करती है। रासायनिक प्रतिक्रियाओं में केवल इलेक्ट्रॉन भाग लेते हैं, नाभिक नहीं बदलता। रेडियोएक्टिव पदार्थ अस्थिर नाभिक के कारण टूटते हैं।

निष्कर्ष

परमाणु की संरचना हमें यह समझने में मदद करती है कि पदार्थ किस प्रकार बना है और वह कैसे व्यवहार करता है। यह विषय रसायन विज्ञान की सबसे महत्वपूर्ण नींव है क्योंकि इससे सभी रासायनिक प्रतिक्रियाओं को समझा जा सकता है।

Study Raw Bihar News Social Media Links:

Study Raw: Education World of India आप सभी Students के सहूलियत के लिए Social Media पर भी सारे Students को Bihar के सारे News से Updated रखते है। आपलोग नीचे दिए किसी भी Social Media से जुर सकते हैं। Follow us with following link mentioned below.

Android AppPlay Store
YouTube ChannelSubscribe
What's AppFollow
Telegram PageFollow
Facebook PageFollow
Twitter PageFollow
Linked-InFollow

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Bihar मे 4-Year Graduation का पूरा Syllabus सभी University के लिए Download करे नीचे दिए Link से

University NameSyllabus
BRABU Universit BA BSc BCom SyllabusSyllabus
LNMU Universit BA BSc BCom SyllabusSyllabus
TMBU Universit BA BSc BCom SyllabusSyllabus
VKSU Universit BA BSc BCom SyllabusSyllabus
BNMU Universit BA BSc BCom SyllabusSyllabus
Jai Prakash Universit BA BSc BCom SyllabusSyllabus
Patliputra University BA BSc BCom SyllabusSyllabus
Purnea University BA BSc BCom SyllabusSyllabus
Magadh University BA BSc BCom SyllabusSyllabus
Munger University BA BSc BCom SyllabusSyllabus
Patna University BA BSc BCom SyllabusSyllabus
Disclaimer: Some content is used under fair use for Educational Purposes. Copyright Disclaimer under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for "fair use" for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing. Non-profit, educational or personal use tips the balance in favor of fair use.
This website will not be responsible at all in case of minor or major mistakes or inaccuracy. I hereby declare that all the information provided by this website is true and accurate according to the news papers and official notices or advertisement or information brochure etc. But sometimes might be happened mistakes by website owner by any means just as typing error or eye deception or other or from recruiter side. Our effort and intention is to provide correct details as much as possible, before taking any action please look into the news papes, official notice or advertisement or portal. "I Hope You Will Understand Our Word".