Class 9th 10th हिंदी व्याकरण Ch-11 लिंग

💁 Study Raw

📅 31/05/2026

लिंग

संस्कृत व्याकरण में लिंग एक अत्यंत महत्वपूर्ण व्याकरणिक तत्व है। किसी संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण अथवा अन्य शब्द के जिस रूप से उसके पुरुषत्व, स्त्रीत्व या नपुंसकत्व का ज्ञान होता है, उसे लिंग कहते हैं। संस्कृत भाषा में प्रत्येक संज्ञा किसी-न-किसी लिंग से संबंधित होती है। लिंग का ज्ञान न केवल शब्दों की पहचान के लिए आवश्यक है, बल्कि सही वाक्य-निर्माण, विशेषणों के प्रयोग, सर्वनामों के चयन और रूप-परिवर्तन के लिए भी अनिवार्य है।

सरल शब्दों में कहा जाए तो किसी वस्तु, व्यक्ति, प्राणी, स्थान, गुण, भाव या पदार्थ का व्याकरणिक वर्गीकरण ही लिंग कहलाता है।

लिंग की परिभाषा

जिससे किसी शब्द के पुरुष, स्त्री या नपुंसक होने का बोध हो, उसे लिंग कहते हैं।

उदाहरण:

  • रामः — पुल्लिंग
  • सीता — स्त्रीलिंग
  • फलम् — नपुंसकलिंग

लिंग का महत्व

संस्कृत में लिंग का ज्ञान इसलिए आवश्यक है क्योंकि—

  • संज्ञा के अनुसार विशेषण बदलता है।
  • सर्वनाम का रूप बदलता है।
  • कृदन्त शब्दों के रूप बदलते हैं।
  • वाक्य की शुद्धता लिंग पर निर्भर करती है।
  • शब्दरूपों का अध्ययन लिंग के बिना संभव नहीं है।

लिंग के प्रकार

संस्कृत में तीन प्रकार के लिंग होते हैं—

  1. पुल्लिंग
  2. स्त्रीलिंग
  3. नपुंसकलिंग

पुल्लिंग

जिस शब्द से पुरुष जाति, नर प्राणी अथवा पुरुषत्व का बोध होता है, वह पुल्लिंग कहलाता है।

पुल्लिंग की विशेषताएँ

  • पुरुषों के नाम प्रायः पुल्लिंग होते हैं।
  • अधिकांश देवताओं के नाम पुल्लिंग होते हैं।
  • कई प्राकृतिक तत्व भी पुल्लिंग माने जाते हैं।
  • अनेक वृक्षों और पर्वतों के नाम पुल्लिंग होते हैं।

पुल्लिंग शब्दों के उदाहरण

  • रामः
  • कृष्णः
  • देवः
  • नरः
  • बालकः
  • छात्रः
  • गुरु:
  • सिंहः
  • गजः
  • वृक्षः
  • पर्वतः
  • सूर्यः
  • चन्द्रः

पुल्लिंग शब्दों के वर्ग

व्यक्तिवाचक पुल्लिंग

  • रामः
  • मोहनः
  • अर्जुनः
  • छात्रः

जातिवाचक पुल्लिंग

  • नरः
  • सिंहः
  • गजः
  • अश्वः

भावसूचक पुल्लिंग

  • क्रोधः
  • शोकः
  • हर्षः
  • मोहः

प्राकृतिक पुल्लिंग

  • सूर्यः
  • पवनः
  • हिमालयः
  • समुद्रः

पुल्लिंग शब्दों की पहचान

कई पुल्लिंग शब्द इन प्रत्ययों से समाप्त होते हैं—

  • अ (राम)
  • उ (गुरु)
  • ऋ (पितृ)
  • अन् (राजन्)

लेकिन यह नियम सभी शब्दों पर लागू नहीं होता।

पुल्लिंग विशेषण

पुल्लिंग संज्ञाविशेषण
बालकःसुन्दरः
छात्रःबुद्धिमान्
सिंहःबलवान्

उदाहरण

  • सुन्दरः बालकः।
  • बलवान् सिंहः।
  • बुद्धिमान् छात्रः।

स्त्रीलिंग

जिस शब्द से स्त्री जाति अथवा स्त्रीत्व का बोध होता है, वह स्त्रीलिंग कहलाता है।

स्त्रीलिंग की विशेषताएँ

  • स्त्रियों के नाम सामान्यतः स्त्रीलिंग होते हैं।
  • अनेक अमूर्त संज्ञाएँ स्त्रीलिंग होती हैं।
  • भाषाओं के नाम प्रायः स्त्रीलिंग होते हैं।
  • नदियों के अधिकांश नाम स्त्रीलिंग होते हैं।

स्त्रीलिंग शब्दों के उदाहरण

  • सीता
  • रमा
  • लता
  • विद्या
  • बुद्धिः
  • शक्ति:
  • कन्या
  • माता
  • गौः
  • पृथ्वी

स्त्रीलिंग शब्दों के वर्ग

व्यक्तिवाचक स्त्रीलिंग

  • सीता
  • राधा
  • गीता
  • सुशीला

जातिवाचक स्त्रीलिंग

  • स्त्री
  • कन्या
  • बालिका
  • शिक्षिका

भाववाचक स्त्रीलिंग

  • विद्या
  • बुद्धिः
  • शक्ति:
  • श्रद्धा

प्राकृतिक स्त्रीलिंग

  • गङ्गा
  • यमुना
  • पृथ्वी
  • रात्रिः

स्त्रीलिंग की पहचान

बहुत से स्त्रीलिंग शब्द निम्न प्रत्ययों पर समाप्त होते हैं—

  • ति

लेकिन यह भी सार्वभौमिक नियम नहीं है।

स्त्रीलिंग विशेषण

स्त्रीलिंग संज्ञाविशेषण
बालिकासुन्दरी
छात्राबुद्धिमती
कन्यासुशीला

उदाहरण

  • सुन्दरी बालिका।
  • बुद्धिमती छात्रा।
  • विनीता कन्या।

नपुंसकलिंग

जिस शब्द से न पुरुषत्व और न स्त्रीत्व का बोध हो, उसे नपुंसकलिंग कहते हैं।

यह वस्तुओं, पदार्थों, स्थानों, भावों तथा अनेक निर्जीव वस्तुओं के लिए प्रयुक्त होता है।

नपुंसकलिंग की विशेषताएँ

  • अधिकांश वस्तुवाचक शब्द नपुंसकलिंग होते हैं।
  • अनेक पदार्थवाचक शब्द नपुंसकलिंग होते हैं।
  • प्रथमा और द्वितीया विभक्ति के रूप समान होते हैं।

नपुंसकलिंग शब्दों के उदाहरण

  • फलम्
  • जलम्
  • पुस्तकम्
  • वनम्
  • गृहम्
  • पत्रम्
  • वस्त्रम्
  • मित्रम्
  • भोजनम्
  • धनम्

नपुंसकलिंग शब्दों के वर्ग

वस्तुवाचक

  • पुस्तकम्
  • पत्रम्
  • वस्त्रम्

पदार्थवाचक

  • जलम्
  • घृतम्
  • दुग्धम्

स्थानवाचक

  • वनम्
  • गृहम्
  • नगरम्

भाववाचक

  • सुखम्
  • दुःखम्
  • ज्ञानम्

नपुंसकलिंग विशेषण

नपुंसकलिंग संज्ञाविशेषण
फलम्सुन्दरम्
गृहम्विशालम्
जलम्शीतलम्

उदाहरण

  • सुन्दरम् फलम्।
  • विशालम् गृहम्।
  • शीतलम् जलम्।

लिंग निर्धारण के आधार

1. प्राकृतिक लिंग

जहाँ वास्तविक नर या मादा का बोध हो।

उदाहरण

  • पिता — पुल्लिंग
  • माता — स्त्रीलिंग

2. व्याकरणिक लिंग

जहाँ लिंग केवल व्याकरणिक परंपरा से निर्धारित होता है।

उदाहरण

  • दाराः — पुल्लिंग
  • कलत्रम् — नपुंसकलिंग

3. रूप के आधार पर

शब्द के अंत को देखकर लिंग का अनुमान लगाया जाता है।

4. अर्थ के आधार पर

अर्थ के अनुसार लिंग निर्धारित किया जाता है।

5. परंपरा के आधार पर

कुछ शब्दों का लिंग केवल परंपरा से ज्ञात होता है।

लिंग और संज्ञा

प्रत्येक संज्ञा का एक निश्चित लिंग होता है।

संज्ञालिंग
रामःपुल्लिंग
सीतास्त्रीलिंग
फलम्नपुंसकलिंग

लिंग और सर्वनाम

सर्वनाम का रूप भी लिंग के अनुसार बदलता है।

पुल्लिंगस्त्रीलिंगनपुंसकलिंग
सःसातत्
एषःएषाएतत्
कःकाकिम्

उदाहरण

  • सः बालकः अस्ति।
  • सा बालिका अस्ति।
  • तत् फलम् अस्ति।

लिंग और विशेषण

विशेषण सदैव संज्ञा के लिंग के अनुसार बदलता है।

पुल्लिंगस्त्रीलिंगनपुंसकलिंग
सुन्दरःसुन्दरीसुन्दरम्
महान्महतीमहत्
बुद्धिमान्बुद्धिमतीबुद्धिमत्

उदाहरण

  • सुन्दरः बालकः।
  • सुन्दरी बालिका।
  • सुन्दरम् पुष्पम्।

लिंग और कृदन्त

संस्कृत में कृदन्त रूप लिंग के अनुसार बदलते हैं।

पुल्लिंगस्त्रीलिंगनपुंसकलिंग
गतवान्गतवतीगतम्
लिखितवान्लिखितवतीलिखितम्

उदाहरण

  • रामः गतवान्।
  • सीता गतवती।
  • फलम् गतम्।

उभयलिंगी शब्द

कुछ शब्द एक से अधिक लिंगों में प्रयुक्त होते हैं।

उदाहरण

  • गुरु:
  • शिशुः
  • सखा (विशेष प्रयोगों में)
  • मित्र (कुछ विशेष संदर्भों में)

इनका लिंग प्रसंग के अनुसार निर्धारित होता है।

त्रिलिंगी विशेषण

कुछ विशेषण तीनों लिंगों में अलग-अलग रूप धारण करते हैं।

पुल्लिंगस्त्रीलिंगनपुंसकलिंग
शुभःशुभाशुभम्
नवीनःनवीनानवीनम्
पवित्रःपवित्रापवित्रम्

पुल्लिंग से स्त्रीलिंग बनाने के नियम

आ प्रत्यय

  • बालकः → बालिका
  • शिक्षकः → शिक्षिका

ई प्रत्यय

  • देवः → देवी
  • पुत्रः → पुत्री

णी प्रत्यय

  • राजा → राज्ञी
  • इन्द्रः → इन्द्राणी

अन्य रूप

  • जनकः → जननी
  • नायकः → नायिका

संस्कृत में प्रसिद्ध पुल्लिंग शब्द

रामः, कृष्णः, विष्णुः, शिवः, सूर्यः, चन्द्रः, पर्वतः, समुद्रः, वृक्षः, अश्वः, सिंहः, गजः, नरः, छात्रः, शिक्षकः।

संस्कृत में प्रसिद्ध स्त्रीलिंग शब्द

सीता, राधा, लक्ष्मीः, सरस्वती, पार्वती, विद्या, शक्ति:, बुद्धिः, पृथ्वी, भाषा, माता, कन्या, छात्रा।

संस्कृत में प्रसिद्ध नपुंसकलिंग शब्द

फलम्, जलम्, वनम्, पुस्तकम्, गृहम्, वस्त्रम्, पत्रम्, धनम्, मित्रम्, पुष्पम्, भोजनम्, सुखम्, दुःखम्, ज्ञानम्।

लिंग से संबंधित महत्वपूर्ण अपवाद

संस्कृत में कुछ शब्द ऐसे हैं जिनका लिंग सामान्य नियमों से भिन्न होता है।

पुल्लिंग अपवाद

  • दाराः (पत्नी) — पुल्लिंग
  • अश्रुः — पुल्लिंग

स्त्रीलिंग अपवाद

  • मातृ
  • दुहितृ
  • रात्रिः

नपुंसकलिंग अपवाद

  • दधि
  • मधु
  • घृतम्

परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य

  • संस्कृत में तीन लिंग होते हैं।
  • प्रत्येक संज्ञा किसी न किसी लिंग से संबंधित होती है।
  • विशेषण संज्ञा के लिंग के अनुसार बदलता है।
  • सर्वनाम भी लिंग के अनुसार बदलता है।
  • नपुंसकलिंग में प्रथमा और द्वितीया समान होती हैं।
  • कृदन्त रूपों में लिंग का विशेष महत्व है।
  • कुछ शब्द नियम से नहीं, परंपरा से लिंग ग्रहण करते हैं।
  • लिंग का ज्ञान शब्दरूप और वाक्यरचना की आधारशिला है।

लिंग से संबंधित सामान्य त्रुटियाँ

  • पुल्लिंग संज्ञा के साथ स्त्रीलिंग विशेषण लगाना।
  • स्त्रीलिंग संज्ञा के साथ पुल्लिंग सर्वनाम लगाना।
  • नपुंसकलिंग शब्दों के साथ गलत विशेषण प्रयोग करना।
  • शब्द का लिंग जाने बिना रूप बनाना।
  • अपवाद शब्दों का गलत लिंग मान लेना।

निष्कर्ष

लिंग संस्कृत व्याकरण का मूलभूत एवं अत्यंत व्यापक विषय है। इसके अंतर्गत केवल पुल्लिंग, स्त्रीलिंग और नपुंसकलिंग का ज्ञान ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि लिंग निर्धारण के आधार, विशेषण-संज्ञा सामंजस्य, सर्वनाम प्रयोग, कृदन्त रूप, स्त्री-प्रत्यय, उभयलिंगी शब्द, त्रिलिंगी विशेषण, अपवाद शब्द तथा व्यावहारिक प्रयोगों का भी अध्ययन आवश्यक है। लिंग का सही ज्ञान होने पर संस्कृत के शब्दरूप, वाक्यरचना और अनुवाद को सरलता से समझा जा सकता है तथा भाषा का शुद्ध प्रयोग संभव होता है।

Study Raw Bihar News Social Media Links:

Study Raw: Education World of India आप सभी Students के सहूलियत के लिए Social Media पर भी सारे Students को Bihar के सारे News से Updated रखते है। आपलोग नीचे दिए किसी भी Social Media से जुर सकते हैं। Follow us with following link mentioned below.

Android AppPlay Store
YouTube ChannelSubscribe
What's AppFollow
Telegram PageFollow
Facebook PageFollow
Twitter PageFollow
Linked-InFollow

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Bihar मे 4-Year Graduation का पूरा Syllabus सभी University के लिए Download करे नीचे दिए Link से

University NameSyllabus
BRABU Universit BA BSc BCom SyllabusSyllabus
LNMU Universit BA BSc BCom SyllabusSyllabus
TMBU Universit BA BSc BCom SyllabusSyllabus
VKSU Universit BA BSc BCom SyllabusSyllabus
BNMU Universit BA BSc BCom SyllabusSyllabus
Jai Prakash Universit BA BSc BCom SyllabusSyllabus
Patliputra University BA BSc BCom SyllabusSyllabus
Purnea University BA BSc BCom SyllabusSyllabus
Magadh University BA BSc BCom SyllabusSyllabus
Munger University BA BSc BCom SyllabusSyllabus
Patna University BA BSc BCom SyllabusSyllabus
Disclaimer: Some content is used under fair use for Educational Purposes. Copyright Disclaimer under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for "fair use" for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing. Non-profit, educational or personal use tips the balance in favor of fair use.
This website will not be responsible at all in case of minor or major mistakes or inaccuracy. I hereby declare that all the information provided by this website is true and accurate according to the news papers and official notices or advertisement or information brochure etc. But sometimes might be happened mistakes by website owner by any means just as typing error or eye deception or other or from recruiter side. Our effort and intention is to provide correct details as much as possible, before taking any action please look into the news papes, official notice or advertisement or portal. "I Hope You Will Understand Our Word".