गरीबी वह स्थिति है जिसमें व्यक्ति अपनी बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर पाता। इन आवश्यकताओं में भोजन, कपड़ा, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छ जल और स्वच्छता शामिल हैं।
पहले गरीबी को केवल आय की कमी माना जाता था, लेकिन आज गरीबी को व्यापक रूप से देखा जाता है। यदि किसी व्यक्ति के पास शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सम्मानजनक जीवन की सुविधा नहीं है तो उसे भी गरीब माना जा सकता है।
NCERT में गरीबी को समझाने के लिए दो उदाहरण दिए गए हैं।
गांवों में गरीब परिवार अक्सर भूमिहीन मजदूर या छोटे किसान होते हैं। इनके पास पर्याप्त भूमि नहीं होती और आय बहुत कम होती है।
शहरों में गरीब लोग झुग्गी-झोपड़ियों में रहते हैं और दिहाड़ी मजदूरी, रिक्शा चलाने या छोटे-मोटे काम करके जीवन यापन करते हैं।
गरीबी रेखा वह सीमा है जिसके नीचे रहने वाले लोगों को गरीब माना जाता है।
पहले गरीबी रेखा निर्धारित करने में कैलोरी आवश्यकता को आधार बनाया जाता था।
क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में शारीरिक श्रम अधिक होता है।
यह संस्था लोगों के उपभोग व्यय (Consumption Expenditure) का सर्वेक्षण करती है।
परिवार भोजन, शिक्षा, स्वास्थ्य, कपड़ा आदि पर कितना खर्च करता है, उसके आधार पर गरीबी का अनुमान लगाया जाता है।
स्वतंत्रता के बाद भारत में गरीबी बहुत अधिक थी।
आर्थिक विकास, कृषि उत्पादन, रोजगार योजनाओं और सरकारी प्रयासों के कारण गरीबी दर में लगातार कमी आई है।
सभी वर्गों में गरीबी समान नहीं होती।
महिलाओं को कम मजदूरी और कम अवसर मिलने के कारण वे अधिक गरीबी का सामना करती हैं।
इनकी आय नियमित नहीं होती इसलिए गरीबी का जोखिम अधिक रहता है।
भारत के विभिन्न राज्यों में गरीबी की मात्रा अलग-अलग है।
गरीबी केवल भारत की समस्या नहीं है।
इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग गरीबी में जीवन व्यतीत करते हैं।
World Bank अंतरराष्ट्रीय गरीबी रेखा निर्धारित करता है और गरीबी के आंकड़े प्रकाशित करता है।
ब्रिटिश शासन के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था का विकास बाधित हुआ।
जनसंख्या बढ़ने से संसाधनों पर दबाव बढ़ता है।
रोजगार के अवसर कम होने से आय कम रहती है।
व्यक्ति काम तो करता है लेकिन उसकी क्षमता के अनुसार काम नहीं मिलता।
भूमि कुछ लोगों के पास केंद्रित रहती है।
कृषि और उद्योग में उत्पादकता कम होने से आय कम रहती है।
शिक्षा की कमी अच्छे रोजगार में बाधा बनती है।
बीमारियाँ और इलाज का खर्च गरीबी को बढ़ाते हैं।
जाति, वर्ग और लिंग आधारित भेदभाव गरीबी को बढ़ाते हैं।
गरीबी उन्मूलन योजनाओं का लाभ सभी जरूरतमंदों तक नहीं पहुँचता।
कुछ समुदायों को समाज के मुख्य विकास से दूर रखा जाता है, जिससे वे गरीबी में फँसे रहते हैं।
गरीब परिवार अक्सर साहूकारों से ऊँचे ब्याज पर ऋण लेते हैं और कर्ज के बोझ में दब जाते हैं।
गरीबी का सबसे बड़ा प्रभाव भुखमरी है।
जब लंबे समय तक पर्याप्त भोजन नहीं मिलता।
फसल कटाई और बुवाई के बीच रोजगार न मिलने से उत्पन्न होती है।
पोषक तत्वों की कमी के कारण शरीर का विकास प्रभावित होता है।
गरीबी → कम आय → कम बचत → कम निवेश → कम उत्पादन → कम रोजगार → पुनः गरीबी
इसे गरीबी का दुष्चक्र कहा जाता है। जब तक इस चक्र को शिक्षा, रोजगार और निवेश के माध्यम से नहीं तोड़ा जाता, गरीबी बनी रहती है।
अर्थव्यवस्था के विकास से रोजगार बढ़ता है।
उद्योगों के विकास से रोजगार सृजित होते हैं।
युवाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार योग्य बनाया जाता है।
महिलाओं की आय बढ़ने से पूरे परिवार की स्थिति सुधरती है।
गरीब लोगों को बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ना।
स्वरोजगार को बढ़ावा देना।
ग्रामीण गरीबों को रोजगार उपलब्ध कराना।
स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देना।
गरीबों को आवास उपलब्ध कराना।
सस्ती दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध कराना।
ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराना।
गरीबों को सस्ता खाद्यान्न उपलब्ध कराना।
अत्यंत गरीब परिवारों के लिए विशेष खाद्यान्न योजना।
विद्यालयों में बच्चों को भोजन उपलब्ध कराना।
गरीब परिवारों के लिए स्वास्थ्य बीमा।
वृद्ध व्यक्तियों को आर्थिक सहायता।
गरीब परिवारों को बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ना।
Study Raw: Education World of India आप सभी Students के सहूलियत के लिए Social Media पर भी सारे Students को Bihar के सारे News से Updated रखते है। आपलोग नीचे दिए किसी भी Social Media से जुर सकते हैं। Follow us with following link mentioned below.
| University Name | Syllabus |
|---|---|
| BRABU Universit BA BSc BCom Syllabus | Syllabus |
| LNMU Universit BA BSc BCom Syllabus | Syllabus |
| TMBU Universit BA BSc BCom Syllabus | Syllabus |
| VKSU Universit BA BSc BCom Syllabus | Syllabus |
| BNMU Universit BA BSc BCom Syllabus | Syllabus |
| Jai Prakash Universit BA BSc BCom Syllabus | Syllabus |
| Patliputra University BA BSc BCom Syllabus | Syllabus |
| Purnea University BA BSc BCom Syllabus | Syllabus |
| Magadh University BA BSc BCom Syllabus | Syllabus |
| Munger University BA BSc BCom Syllabus | Syllabus |
| Patna University BA BSc BCom Syllabus | Syllabus |
Leave a Reply