Class 9 अर्थशास्त्र Ch-3 गरीबी एक चुनौती

💁 Study Raw

📅 04/06/2026

3. Poverty as a Challenge (गरीबी एक चुनौती)

1. गरीबी का अर्थ (Meaning of Poverty)

गरीबी वह स्थिति है जिसमें व्यक्ति अपनी बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर पाता। इन आवश्यकताओं में भोजन, कपड़ा, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छ जल और स्वच्छता शामिल हैं।

पहले गरीबी को केवल आय की कमी माना जाता था, लेकिन आज गरीबी को व्यापक रूप से देखा जाता है। यदि किसी व्यक्ति के पास शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सम्मानजनक जीवन की सुविधा नहीं है तो उसे भी गरीब माना जा सकता है।

गरीबी की प्रमुख विशेषताएँ

  • पर्याप्त भोजन का अभाव
  • कुपोषण
  • खराब आवास
  • अशिक्षा
  • स्वास्थ्य सेवाओं की कमी
  • बेरोजगारी
  • सामाजिक भेदभाव
  • असुरक्षित जीवन

2. दो विशिष्ट मामले (Two Typical Cases of Poverty)

NCERT में गरीबी को समझाने के लिए दो उदाहरण दिए गए हैं।

ग्रामीण गरीब परिवार

गांवों में गरीब परिवार अक्सर भूमिहीन मजदूर या छोटे किसान होते हैं। इनके पास पर्याप्त भूमि नहीं होती और आय बहुत कम होती है।

शहरी गरीब परिवार

शहरों में गरीब लोग झुग्गी-झोपड़ियों में रहते हैं और दिहाड़ी मजदूरी, रिक्शा चलाने या छोटे-मोटे काम करके जीवन यापन करते हैं।

3. गरीबी रेखा (Poverty Line)

गरीबी रेखा वह सीमा है जिसके नीचे रहने वाले लोगों को गरीब माना जाता है।

गरीबी रेखा निर्धारित करने के आधार

  • भोजन की आवश्यकता
  • कपड़े
  • आवास
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • बिजली और ईंधन
  • परिवहन

कैलोरी आवश्यकता

पहले गरीबी रेखा निर्धारित करने में कैलोरी आवश्यकता को आधार बनाया जाता था।

  • ग्रामीण क्षेत्र – लगभग 2400 कैलोरी प्रतिदिन
  • शहरी क्षेत्र – लगभग 2100 कैलोरी प्रतिदिन

क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में शारीरिक श्रम अधिक होता है।

4. गरीबी का अनुमान कैसे लगाया जाता है?

NSSO (National Sample Survey Office)

यह संस्था लोगों के उपभोग व्यय (Consumption Expenditure) का सर्वेक्षण करती है।

उपभोग व्यय (Consumption Expenditure)

परिवार भोजन, शिक्षा, स्वास्थ्य, कपड़ा आदि पर कितना खर्च करता है, उसके आधार पर गरीबी का अनुमान लगाया जाता है।

5. भारत में गरीबी के रुझान (Trends in Poverty)

स्वतंत्रता के बाद भारत में गरीबी बहुत अधिक थी।

1973 से वर्तमान तक गरीबी में कमी

आर्थिक विकास, कृषि उत्पादन, रोजगार योजनाओं और सरकारी प्रयासों के कारण गरीबी दर में लगातार कमी आई है।

गरीबी में कमी के कारण

  • आर्थिक विकास
  • हरित क्रांति
  • रोजगार कार्यक्रम
  • सार्वजनिक वितरण प्रणाली
  • शिक्षा का विस्तार
  • ग्रामीण विकास योजनाएँ

6. सामाजिक और आर्थिक समूहों में गरीबी

सभी वर्गों में गरीबी समान नहीं होती।

सबसे अधिक प्रभावित समूह

  • अनुसूचित जाति (SC)
  • अनुसूचित जनजाति (ST)
  • भूमिहीन मजदूर
  • ग्रामीण महिलाएँ
  • बच्चे
  • वृद्धजन

महिलाओं में गरीबी

महिलाओं को कम मजदूरी और कम अवसर मिलने के कारण वे अधिक गरीबी का सामना करती हैं।

7. असुरक्षित समूह (Vulnerable Groups)

ग्रामीण क्षेत्र

  • भूमिहीन कृषि मजदूर
  • सीमांत किसान
  • छोटे किसान
  • ग्रामीण कारीगर

शहरी क्षेत्र

  • रिक्शा चालक
  • दिहाड़ी मजदूर
  • घरेलू कामगार
  • फेरीवाले

इनकी आय नियमित नहीं होती इसलिए गरीबी का जोखिम अधिक रहता है।

8. अंतर-राज्यीय गरीबी (Inter-State Disparities)

भारत के विभिन्न राज्यों में गरीबी की मात्रा अलग-अलग है।

अधिक गरीबी वाले राज्य

  • बिहार
  • झारखंड
  • ओडिशा
  • छत्तीसगढ़
  • मध्य प्रदेश

कम गरीबी वाले राज्य

  • केरल
  • पंजाब
  • हरियाणा
  • हिमाचल प्रदेश

राज्यों में अंतर के कारण

  • शिक्षा का स्तर
  • औद्योगीकरण
  • कृषि विकास
  • सरकारी नीतियाँ
  • रोजगार के अवसर

9. वैश्विक गरीबी परिदृश्य (Global Poverty Scenario)

गरीबी केवल भारत की समस्या नहीं है।

विश्व में गरीबी

  • एशिया
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका

इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग गरीबी में जीवन व्यतीत करते हैं।

विश्व बैंक की भूमिका

World Bank अंतरराष्ट्रीय गरीबी रेखा निर्धारित करता है और गरीबी के आंकड़े प्रकाशित करता है।

10. गरीबी के प्रमुख कारण (Major Causes of Poverty)

10.1 औपनिवेशिक शासन

ब्रिटिश शासन के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था का विकास बाधित हुआ।

10.2 जनसंख्या वृद्धि

जनसंख्या बढ़ने से संसाधनों पर दबाव बढ़ता है।

10.3 बेरोजगारी

रोजगार के अवसर कम होने से आय कम रहती है।

10.4 अल्प रोजगार (Underemployment)

व्यक्ति काम तो करता है लेकिन उसकी क्षमता के अनुसार काम नहीं मिलता।

10.5 भूमि का असमान वितरण

भूमि कुछ लोगों के पास केंद्रित रहती है।

10.6 कम उत्पादकता

कृषि और उद्योग में उत्पादकता कम होने से आय कम रहती है।

10.7 अशिक्षा

शिक्षा की कमी अच्छे रोजगार में बाधा बनती है।

10.8 स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी

बीमारियाँ और इलाज का खर्च गरीबी को बढ़ाते हैं।

10.9 सामाजिक असमानता

जाति, वर्ग और लिंग आधारित भेदभाव गरीबी को बढ़ाते हैं।

10.10 भ्रष्टाचार

गरीबी उन्मूलन योजनाओं का लाभ सभी जरूरतमंदों तक नहीं पहुँचता।

10.11 सामाजिक बहिष्करण (Social Exclusion)

कुछ समुदायों को समाज के मुख्य विकास से दूर रखा जाता है, जिससे वे गरीबी में फँसे रहते हैं।

10.12 ऋणग्रस्तता (Indebtedness)

गरीब परिवार अक्सर साहूकारों से ऊँचे ब्याज पर ऋण लेते हैं और कर्ज के बोझ में दब जाते हैं।

11. गरीबी के प्रभाव (Effects of Poverty)

आर्थिक प्रभाव

  • कम आय
  • कम बचत
  • कम निवेश

सामाजिक प्रभाव

  • अशिक्षा
  • बाल श्रम
  • अपराध

स्वास्थ्य प्रभाव

  • कुपोषण
  • रोग
  • उच्च मृत्यु दर

मनोवैज्ञानिक प्रभाव

  • आत्मविश्वास में कमी
  • तनाव
  • सामाजिक अलगाव

12. गरीबी और भुखमरी (Poverty and Hunger)

गरीबी का सबसे बड़ा प्रभाव भुखमरी है।

दीर्घकालिक भुखमरी

जब लंबे समय तक पर्याप्त भोजन नहीं मिलता।

मौसमी भुखमरी

फसल कटाई और बुवाई के बीच रोजगार न मिलने से उत्पन्न होती है।

कुपोषण (Malnutrition)

पोषक तत्वों की कमी के कारण शरीर का विकास प्रभावित होता है।

13. गरीबी का दुष्चक्र (Vicious Circle of Poverty)

गरीबी → कम आय → कम बचत → कम निवेश → कम उत्पादन → कम रोजगार → पुनः गरीबी

इसे गरीबी का दुष्चक्र कहा जाता है। जब तक इस चक्र को शिक्षा, रोजगार और निवेश के माध्यम से नहीं तोड़ा जाता, गरीबी बनी रहती है।

14. गरीबी उन्मूलन की रणनीतियाँ

आर्थिक विकास

अर्थव्यवस्था के विकास से रोजगार बढ़ता है।

कृषि विकास

  • सिंचाई
  • उन्नत बीज
  • आधुनिक तकनीक
  • कृषि ऋण

औद्योगिक विकास

उद्योगों के विकास से रोजगार सृजित होते हैं।

कौशल विकास

युवाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार योग्य बनाया जाता है।

महिला सशक्तिकरण

महिलाओं की आय बढ़ने से पूरे परिवार की स्थिति सुधरती है।

वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion)

गरीब लोगों को बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ना।

15. भारत की गरीबी उन्मूलन योजनाएँ

प्रधानमंत्री रोजगार योजना (PMRY)

स्वरोजगार को बढ़ावा देना।

स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना (SGSY)

ग्रामीण गरीबों को रोजगार उपलब्ध कराना।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM)

स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देना।

प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY)

गरीबों को आवास उपलब्ध कराना।

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA)

सस्ती दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध कराना।

16. महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA)

उद्देश्य

ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराना।

प्रमुख विशेषताएँ

  • 100 दिन का रोजगार
  • मजदूरी का भुगतान
  • ग्रामीण विकास कार्य
  • कानूनी रोजगार गारंटी

लाभ

  • ग्रामीण आय में वृद्धि
  • पलायन में कमी
  • गरीबी में कमी
  • महिलाओं की भागीदारी में वृद्धि

17. सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम (Social Security Programmes)

सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS)

गरीबों को सस्ता खाद्यान्न उपलब्ध कराना।

अंत्योदय अन्न योजना (AAY)

अत्यंत गरीब परिवारों के लिए विशेष खाद्यान्न योजना।

मध्याह्न भोजन योजना (Mid-Day Meal Scheme)

विद्यालयों में बच्चों को भोजन उपलब्ध कराना।

आयुष्मान भारत

गरीब परिवारों के लिए स्वास्थ्य बीमा।

वृद्धावस्था पेंशन योजना

वृद्ध व्यक्तियों को आर्थिक सहायता।

जनधन योजना

गरीब परिवारों को बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ना।

18. गरीबी उन्मूलन में चुनौतियाँ

  • जनसंख्या वृद्धि
  • बेरोजगारी
  • महंगाई
  • भ्रष्टाचार
  • क्षेत्रीय असमानता
  • जलवायु परिवर्तन
  • प्राकृतिक आपदाएँ
  • शिक्षा की कमी
  • स्वास्थ्य सेवाओं की कमी
  • कमजोर क्रियान्वयन
  • डिजिटल विभाजन
  • वित्तीय संसाधनों की कमी

19. परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य

  • गरीबी केवल आय की कमी नहीं बल्कि अवसरों की कमी भी है।
  • गरीबी रेखा गरीब और गैर-गरीब की पहचान करती है।
  • SC, ST, महिलाएँ और भूमिहीन मजदूर सबसे अधिक प्रभावित समूह हैं।
  • गरीबी का दुष्चक्र गरीबी को बनाए रखता है।
  • MGNREGA भारत की प्रमुख रोजगार योजना है।
  • PDS और NFSA खाद्य सुरक्षा प्रदान करते हैं।
  • आर्थिक विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार गरीबी उन्मूलन के प्रमुख साधन हैं।
  • सामाजिक बहिष्करण और असमानता भी गरीबी के महत्वपूर्ण कारण हैं।
  • बहुआयामी गरीबी में शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन स्तर को शामिल किया जाता है।
  • गरीबी उन्मूलन के लिए केवल आय बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि मानव विकास भी आवश्यक है।

Study Raw Bihar News Social Media Links:

Study Raw: Education World of India आप सभी Students के सहूलियत के लिए Social Media पर भी सारे Students को Bihar के सारे News से Updated रखते है। आपलोग नीचे दिए किसी भी Social Media से जुर सकते हैं। Follow us with following link mentioned below.

Android AppPlay Store
YouTube ChannelSubscribe
What's AppFollow
Telegram PageFollow
Facebook PageFollow
Twitter PageFollow
Linked-InFollow

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Bihar मे 4-Year Graduation का पूरा Syllabus सभी University के लिए Download करे नीचे दिए Link से

University NameSyllabus
BRABU Universit BA BSc BCom SyllabusSyllabus
LNMU Universit BA BSc BCom SyllabusSyllabus
TMBU Universit BA BSc BCom SyllabusSyllabus
VKSU Universit BA BSc BCom SyllabusSyllabus
BNMU Universit BA BSc BCom SyllabusSyllabus
Jai Prakash Universit BA BSc BCom SyllabusSyllabus
Patliputra University BA BSc BCom SyllabusSyllabus
Purnea University BA BSc BCom SyllabusSyllabus
Magadh University BA BSc BCom SyllabusSyllabus
Munger University BA BSc BCom SyllabusSyllabus
Patna University BA BSc BCom SyllabusSyllabus
Disclaimer: Some content is used under fair use for Educational Purposes. Copyright Disclaimer under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for "fair use" for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing. Non-profit, educational or personal use tips the balance in favor of fair use.
This website will not be responsible at all in case of minor or major mistakes or inaccuracy. I hereby declare that all the information provided by this website is true and accurate according to the news papers and official notices or advertisement or information brochure etc. But sometimes might be happened mistakes by website owner by any means just as typing error or eye deception or other or from recruiter side. Our effort and intention is to provide correct details as much as possible, before taking any action please look into the news papes, official notice or advertisement or portal. "I Hope You Will Understand Our Word".